कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि एक समय था कि जब हम किताबों में पर्यावरण को दूषित होने व क्लाइमेट चेंज के विषय में पढ़ते थे। लेकिन, आज हम अपने जीवन में इसकी प्रतिक्रिया व परिणाम भुगत रहे हैं। इसके निवारण के लिए सब यही सोच रहे हैं कि कौन सबसे पहला कदम उठाए। उन्होंने कहा कि हम लोग यही समझते हैं कि शायद हम इससे नहीं लड़ सकते। लेकिन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आजादी की लड़ाई से सीख लें। सोचें कि उस समय भी कुछ लोग यही मानते रहे होंगे कि इतनी बड़ी हुकूमत को हराया कैसे जा सकता है। लेकिन, हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने ब्रिटिश हुकूमत के दांत खट्टे कर दिए। भारत मां को गुलामी की जंजीर से आजाद कराया।
बता दें कि कमिश्नर दीपक अग्रवाल कर्मचारियों के हौसला अफजाई का कोई अवसर नहीं छोड़ते। यह पहला मौका नहीं था जब उन्होंने अपने कार्यालय में दफ्तरी के पद पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजपत राम से ध्वजारोहण करवाया हो। इससे पूर्व राष्ट्रीय पर्व पर कमिश्नरी में जहां सफाई कर्मी चंदा देवी से ध्वजारोहण किया था, तो कोरोनाकाल में राष्ट्रीय पर्व पर एएनएम ने तिरंगा फहराया था। राजपत राम कमिश्नरी में चतुर्थ श्रेणी के दफ्तरी पद पर तैनात हैं। वे 31 अगस्त 2022 को सेवानिवृत्त होंगे। कमिश्नरी के कर्मचारियों के अनुसार, सौम्य व उदार स्वभाव वाले राजपत राम की जिम्मेदारी कमिश्नरी ऑडिटोरियम व मीटिंग हॉल की साफ-सफाई व मीटिंग आदि की व्यवस्था की है।