इसी मेल के बाद आईएमएस बीएचयू प्रशासन की ओर से कार्डियोलॉजी, टीबी एंड चेस्ट, मनोचिकित्सा, न्यूरोलॉजी, जीरियाट्रिक, मेडिसिन विभाग, एनीस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञों की टीम गठित किया गया है। इस समय यही टीम डॉ.लहरी सेहत की निगरानी कर रही है। हालांकि इस साल 27 जनवरी को जब डॉ. लहरी को बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उस समय उनको छाती में संक्रमण, कमजोरी थी।
इस समय सात विभागों की टीम देखरेख कर रही है, ऐसा इसलिए कि बीएचयू प्रशासन के दावों के अनुसार डॉ. लहरी इस समस मानसिक रोग से ग्रसित हैं, उनके व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है। डॉक्टरों की टीम हर एक जांच की पूरी रिपोर्ट तैयार कर रही है। ऐसा इसलिए कि राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी बीएचयू पहुंचकर विशेषज्ञों की टीम गठित कर रिपोर्ट मांगी है।
प्रोफेसर और पद्मश्री प्रो.टीके लहरी घायल हुए।
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देखने आने का मिला है मेल, नहीं मिली मेडिकल रिपोर्ट-परिजन
डॉ. लहरी के परिजनों का कहना है कि बीएचयू प्रशासन की ओर से अब तक केवल इस बात का ईमेल मिला है, कि वह चाहे तो बीएचयू आकर उनको देख सकते हैं। ई मेल में उनके चेहरे पर निशान, आंख में लालिमा के बारे में जो मेडिकल कराने और उससे अवगत कराने की मांग की गई थी, उस पर अब तक किसी का कोई जवाब नहीं आया। बताया कि समय-समय पर वाराणसी में कोई न कोई जाकर हालचाल लेता है।
जनवरी में जब डाॅ.ल हरी को भर्ती कराया गया था, उस समय पर भी परिजनों का मोबाइल नंबर मांगा गया था। बीएचयू में नंबर देने के बाद भी किसी तरह की सेहत की जानकारी नहीं मिलती है। यहां तक कि डॉ. लहरी के साथ घटी घटना की जानकारी बीएचयू प्रशासन को जब ईमेल के माध्यम से दी गई, तब प्रशासन को जानकारी मिली।
आईसीयू पहुंचकर सीएमओ ने भी जाना हाल
सीएमओ डॉ. एनपी सिंह भी बीएचयू पहुंचे। तीन दिन पहले आईसीयू में पहुंचकर सीएमओ ने डॉ. लहरी के सेहत की जानकारी ली। डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि सर से बातचीत में हमने अपना नाम बताया तो उन्होंने मेरे साथ बातचीत भी की। बताया कि डॉ. लहरी की सेहत उस समय ठीक लग रही थी। समय-समय पर बीएचयू प्रशासन से सेहत की जानकारी ली जाती रहेगी।