मंगला आरती में सामान्य दिनों में एक हजार का टिकट रहेगा जबकि सावन के सोमवार के दिन इस टिकट की कीमत दो हजार हो जाएगी। मध्यान्ह भोग आरती, सप्त ऋ षि आरती, शृंगार भोग आरती का टिकट पूरे माह पांच सौ रुपये ही लगेगा। इसके साथ ही सावन में ऑनलाइन बुकिंग भी खोल दी गई है।
शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने का शुल्क तय
सावन में एक शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने पर सात सौ रुपये देने होंगे। पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने के लिए सोमवार के दिन तीन हजार और अन्य दिनों में 21 सौ रुपये जमा करने होंगे। अगर कोई श्रद्धालु सोमवार को विशेष शृंगार करना चाहता है तो उसे 20 हजार रुपये का खर्च करने होगा।
सावन में काशी आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में एलईडी स्क्रीन पर लगातार बाबा विश्वनाथ के दर्शन होते रहेंगे। इसके लिए परिसर में दर्जनभर स्थानों पर एलईडी लगाए जोंगे। गंगा द्वार पर भी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल मंगलवार की दोपहर काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे उन्होंने गंगा घाट से लेकर परिसर तक की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि दशाश्वमेध घाट से विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग, मैटिंग, पेयजल का इंतजाम होना चाहिए। इसके लिए मंदिर प्रशासन को उचित प्रबंध करे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने कई स्थानों पर जिगजैग बनाने का निर्देश दिया। मंदिर चौक में टेंट लगाकर श्रद्धालुओं के लिए छाया, कूलर व पंखे का प्रबंध करने को कहा।
उन्होंने कहा कि धाम को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे। सावन के सोमवार को लगभग सात लाख लोगों के आने की संभावना है। इस लिहाज से परिसर में पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पेयजल आदि की व्यवस्था करना जरूरी है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। अलग-अलग व्यवस्था के लिए अलग-अलग अधिकारियों की शिफ्ट वार तैनाती की जाएगी। कुछ वालंटियर भी रखे जाएंगे जो श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे।
श्री काशी विश्वनाथ धाम (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
पान गुटखा खाने पर 500 जुर्माना
श्री काशी विश्वनाथ धाम में पान गुटखा खाने या गंदगी फैलाते हुए पकड़े जाने पर 500 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। आए दिन दर्शनार्थियों से मिल रहे गंदगी की शिकायत को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने यह फैसला किया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि मंदिर प्रशासन कैमरे से भी निगरानी कर रहा है ताकि कोई कर्मचारी, अधिकारी, दर्शनार्थी, पुलिसकर्मी गंदगी न फैलाए।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में गंदगी फैलाने वालों को जुर्माने के साथ ही अब पाबंदी भी झेलनी होगी। मंगलवार को दो वेंडरों पर गंदगी फैलाने पर जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र के सभी वेंडरों को सख्त चेतावनी दी गई है।
दूध के वेंडरों ने दूध बेचने के बाद उसके पैकेट वहीं छोड़ दिया था। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा को सूचना मिली तो उन्होंने इसको गंभीरता से लिया। जांच में पता चला कि संतोष और सोनू नाम के दो वेंडरों ने ऐसा किया है। इसके बाद दोनों वेंडरों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। चेतावनी दी गई की दोबारा ऐसी हरकत करने पर पाबंदी लगाई जाएगी।
जुर्माने लगाने के बाद अफवाह फैल गई कि मंदिर में दूध चढ़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि विश्वनाथ मंदिर में दुग्धाभिषेक बंद नहीं है। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।