गंगा में जल परिवहन की योजना जल्द साकार होगी। अगले महीने गंगा
में बड़े जहाज चलाने का परीक्षण (ट्रायल) होगा। यदि कोई दिक्कत नहीं आई तो
जून से जहाजों का संचालन शुरू हो जाएगा।
इनलैंड वाटरवेज अथारिटी आफ इंडिया
(आईडब्लूएआई) के चेयरमैन अमिताभ वर्मा ने बताया कि एक मार्च से वाराणसी में
गंगा तट पर रामनगर में मल्टीमॉडल टर्मिनल बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
मार्च में ही ट्रायल की तैयारी है। वर्मा ने गुरुवार को यहां यूपी, बिहार,
झारखंड और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की
प्रगति की समीक्षा की।
पत्रकारों से बातचीत में आईडब्लूएआई के चेयरमैन
ने बताया कि बैठक में जल परिवहन के विकास के साथ-साथ समन्वय पर विस्तार से
चर्चा हुई। इस दौरान समस्या और सुझावों पर भी चर्चा हुई।
बताया कि प्रथम
चरण में वाराणसी, साहिबगंज और हल्दिया में मल्टीमॉडल टर्मिनल बनाए जाएंगे।
वहीं फरक्का में नेविगेशन लॉक बनाया जाना है। वाराणसी के रामनगर में
टर्मिनल निर्माण का काम एक मार्च से शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके
शुभारंभ के दौरान मालवाहक जहाज भी आएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जून से
मालवाहक जहाजों का संचालन शुरू हो जाए, इसकी पूरी तैयारियां की जा रही हैं।
टर्मिनल का टेंडर हो चुका है। एफकॉन कंपनी 196 करोड़ रुपये की लागत से
पहले फेज का काम करेगी।
आईडब्ल्यूएआई के चेयरमैन ने बताया कि पहले फेज
में 15.36 एकड़ में टर्मिनल का काम होगा। दूसरे फेज के लिए 50 एकड़ जमीन के
अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
30 एकड़ जमीन का चयन हो चुका है।
उन्होंने बताया कि जून में एक हजार टन तक के जहाजों की आवाजाही शुरू कराने
की तैयारी है। बताया कि टर्मिनल का काम दो साल दो महीने में काम पूरा कर
लिया जाएगा।
अमिताभ वर्मा ने बताया कि एक सर्वे के अनुसार जल परिवहन शुरू
होने के बाद टर्मिनल से 21 लाख टन का व्यापार हो सकेगा और 2028 तक यह
बिजनेस 62 लाख टन तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने बताया कि गाजीपुर से वाराणसी
के बीच गंगा में कठोर तल को तोड़ने का काम जून तक पूरा हो जाएगा। बक्सर से
बनारस तक बालू की खुदाई (ड्रेेजिंग) का काम मार्च तक शुरू हो जाएगा।
बैठक
में आईडब्ल्यूएआई मेंबर फाइनेंस प्रवीर पांडे, प्रमुख सचिव बंगाल परिवहन
अल्पन बंदोपाध्याय, चीफ इंजीनियर सेंट्रल वाटर कमिश्नर महेंद्र प्रताप
सिंह, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बिहार नवीन चंद्रा, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर
झारखंड अंजनी दूबे, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर नरेंद्र राय, जलपरिवहन
वाराणसी के निदेशक रविकांत आदि शामिल रहे।