वाराणसी। गाजीपुर के करंडा ब्लाक अंतर्गत गोशनदेपुर की ग्राम पंचायत निधि से लाखों के गबन मामले में आरोपी ग्राम प्रधान सावित्री देवी और उसके दो पुत्रों अजय यादव और अजीत यादव की अग्रिम जमानत अर्जी बुधवार को खारिज हो गई। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) द्वितीय आलोक कुमार सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी।
विशेष लोक अभियोजक आलोक कुमार श्रीवास्तव के अनुसार शिकायतकर्ता राजेश कुमार सिंह ने ग्राम प्रधान व सचिव, ग्राम पंचायत गोशनदेपुर के खिलाफ चार अगस्त 2020 को जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र दिया था। जांच हुई तो ग्राम पंचायत गोशनदेपुर के सचिव उधम सिंह एवं ग्राम प्रधान सावित्री देवी द्वारा सचिव की साजिश में लेकर अपने पुत्रों प्रमोद कुमार यादव, अजय कुमार यादव व अजीत यादव एवं दुर्गा शांति इंटरप्राइजेज (प्रधान की फर्म) के नाम से लाखों का गबन मिला। विभिन्न चेकों के माध्यम से विभिन्न 953 शौचालयों व अन्य के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत गोशनदेपुर के ग्राम निधि प्रथम व ग्राम निधि छह से विभिन्न तिथियों में नौ लाख 84 हजार, ग्राम प्रधान सावित्री यादव द्वारा दो लाख 67 हजार, प्रधान पुत्र प्रमोद कुमार यादव द्वारा बाइस लाख 70 हजार व अजय कुमार यादव द्वारा एक लाख 72 हजार व अजीत यादव द्वारा बीस हजार एवं दुर्गा शक्ति इंटरप्राइजेज द्वारा 43 लाख 67 हजार सरकारी धनराशि का दुरुपयोग पाया गया।
हत्या मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश दशम देवाशीष की अदालत ने बड़ागांव के महदेपुर गांव में बाउंड्री वाल गिराने के विवाद में मुरारी की लाठी डंडे से पीटकर हत्या मामले में आरोपी आशुतोष गौतम की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडीजीसी अशोक पाठक के मुताबिक आठ जुलाई 2020 की शाम वादी रवि कुमार को बाउंड्री वाल गिराने का विरोध करने पर मारा पीटा गया और जब बचाव में मुरारी व अन्य लोग आए तो आरोपी के साथ अन्य आरोपियों ने हमला कर दिया, जिसमें मुरारी की मौत हो गई और दो घायल हो गए थे।