निर्धारित स्थान लक्सा स्थित पीडीआर मॉल के पास कर्मचारी सूर्य प्रकाश मौर्य और आयुष कुमार आभूषण लेकर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद युवकों ने पहचान के तौर पर सफारी सूटकेस दिखाया। फोन पर पुष्टि कराने के बाद सूटकेस सौंप दिया गया। सूटकेस में 500-500 रुपये के नोटों की 90 गड्डियां थीं, जिन्हें ऊपर से सीलबंद और व्यवस्थित तरीके से रखा गया था। विश्वास में आकर कर्मचारियों ने बिना पूरी जांच किए सूटकेस ले लिया और बदले में आभूषण दे दिए। सूटकेस को कैश काउंटर पर कर्मचारी राज अग्रवाल के पास जमा कर सुरक्षित रख दिया गया।
अगले दिन मंगलवार को उक्त सूटकेस एक अन्य व्यापारी रोहन (आरबीआर) को भुगतान के रूप में दिया गया। जब उसने नोटों की गड्डियां खोलकर जांच की, तो प्रत्येक गड्डी में ऊपर-नीचे 500 रुपये के असली नोट थे, जबकि अंदर के सभी नोट नकली निकले। इस तरह जालसाज असली सोना लेकर नकली नोट थमा गए। लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।