वाराणसी। विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिन प्रतिदिन नए-नए शोध हो रहे हैं। विशेषकर अंतर्विषयक शोध पर जोर दिया जा रहा है। इस बीच बीएचयू में आईएमएस और विज्ञान संस्थान के शिक्षकों के साथ मिलकर शोध करने पर नए सिरे से सहमति बनी है। दोनों संस्थानों के संयुक्त प्रयास से न केवल बेहतर शोध होंगे बल्कि बीएचयू को वैश्विक स्तर पर पहचान भी मिलेगी।
विज्ञान संस्थान में अब तक कई ऐसे शिक्षक हैं, जो आईएमएस के अलग-अलग विभागों के शिक्षकों के साथ मिलकर शोध कार्य कर रहे हैं। अब इस दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने आईएमएस के नये निदेशक प्रो. बीआर मितल से इस दिशा में आईएमएस के चिकित्सकों को प्रेरित करने की बात कही है। मंगलवार को विज्ञान संस्थान आए प्रो. मितल से विज्ञान संस्थान के विभागाध्यक्षों की मौजूदगी में इस प्रस्ताव को रखा गया है, जिस पर उन्होंने सहमति भी दी है। आईएमएस के चिकित्सकों और विज्ञान संस्थान के शिक्षक मिलकर शोध कर रहे हैं लेकिन आने वाले दिनों में इसको बढ़ाया जाएगा।
डिजाइन इनोवेशन में छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स
बीएचयू दृश्य कला संकाय के तहत चलने वाले डिजाइन इनोवेशन सेंटर के तहत छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। समन्वयक डॉ. मनीष अरोरा के देखरेख में चलने वाले कोर्स में प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला लिया जा सकेगा। 15 जनवरी तक आवेदन किया जा सकेगा जबकि 23 जनवरी को प्रवेश परीक्षा की तिथि निर्धारित की गई है। डॉ. अरोरा ने बताया कि एक फरवरी से ऑनलाइन और आफलाइन कोर्स की शुरूआत हो जाएगी। इसके अलावा दो महीने का सकिर्टफिकेट कोर्स भी इनट्रेक्टिव वेब एंड मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट पर शुरू किया जा रहा है। सर्टिफिकेट कोर्स में केवल बीएचयू में अध्ययनरत छात्र ही प्रवेश ले सकेंगे।