आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग के विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर को कुलसचिव ने नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। नोटिस में कुलसचिव ने प्रो. ओमशंकर पर विश्वविद्यालय के नियमों की अवहेलना का हवाला दिया है।
आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग को आवंटित बेड न मिलने का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। आठ मार्च को आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार, संकाय प्रमुख के लिखित आश्वासन के बाद अनशन स्थगित करने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने एक बार फिर 11 मई से वीसी आवास के सामने अनशन करने का निर्णय लिया है।
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उधर, इस मामले को लेकर बीएचयू के कुलसचिव प्रो. एके सिंह ने विभागाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में कुलसचिव ने प्रो. ओमशंकर पर वीसी पर टिप्पणी करने और विश्वविद्यालय के नियमों की अवहेलना का हवाला दिया है।
बुधवार को विभाग में प्रेस कांफ्रेंस कर प्रो. ओमशंकर ने कहा कि आठ मार्च को निदेशक, संकाय प्रमुख ने मांगो को पूरा करने का जो लिखित आदेश दिया था उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसमें सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चौथी मंजिल का पूरा और पांचवीं मंजिल का आधा हिस्सा हृदय रोग विभाग को देने का निर्णय भी हो चुका था। इसके बाद भी पिछले दो साल से 41 बेड का डिजिटल लॉक नहीं खुल सका। जिस वजह से करीब 34 हजार मरीज इलाज के बिना रेफर हो चुके हैं।
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प्रो. ओमशंकर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मरीजों के हित में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अब आरपार की लड़ाई होगी। जब तक हमारी मांगों पर लिखित कार्यवाही नहीं हो जाएगी, तब तक अनशन खत्म होने वाला नहीं है।