रविंद्र जायसवाल ने चोट के निशान, आंख में लालिमा देख हैरान हो गए तो उन्होंने जांच कमेटी गठित कर दी। दिलीप डे, सूबेदार सिंह सहित अन्य नेताओं का कहना है कि सात विभागों वाली जांच कमेटी बनाई गई है, सभी डॉक्टर बीएचयू के ही हैं, इस वजह से न्यायिक जांच बहुत जरूरी है। उनकी मांग पर आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कुलपति को पूरी जानकारी देने का आश्वासन दिया।
छह साल बाद हुई मुलाकात, सब कुछ दिखा सामान्य
दिलीप डे ने बताया कि वह डॉ. लहरी से पहले भी कई बार मिल चुके हैं, जब भी मिलते हैं, बांग्ला में ही बात करते हैं। इस बार छह साल बाद मुलाकात हुई तो डॉ. लहरी ने अपने सेवाकाल से लेकर बाकी कई बिंदुओं पर बातचीत की। बार-बार कहते नजर आए कि जो कुछ हुआ, उसे छोड़िए।
प्रोफेसर ने डॉ. लहरी के साथ गलियारे में लगाया चक्कर
मंगलवार शाम को आईएमएस बीएचयू कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर ओमशंकर भी डॉ. लहरी से मिलने पहुंचे। उन्होंने न केवल बातचीत की बल्कि गलियारे में उनके साथ तीन चक्कर भी लगाए। प्रो. ओमशंकर ने बताया कि बातचीत में सर कहीं से भी अव्यवहारिक नहीं लग रहे थे। उनकी स्मरण शक्ति भी ठीक थी। उन्होंने विश्वविद्यालय में अपनी ज्वाइनिंग से लेकर सेवाकाल तक के दिनों पर बातचीत की।
डाॅ. टीके लहरी के इलाज में सात विभागों के डॉक्टरों की टीम लगी है। पहले की तुलना में निगरानी भी बढ़ा दी गई है। हर स्तर पर बेहतर से बेहतर इलाज और देखभाल किया जा रहा है। उनकी आंख में लालीपन और चेहरे के अन्य दाग भी धीरे -धीरे अब खत्म हो रहे हैं। सपा नेताओं ने न्यायिक जांच की मांग की है। इससे कुलपति को अवगत कराया जाएगा। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस