फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईएमएस बीएचयू: डॉक्टर लहरी की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल, चेहरे पर अब भी दिख रहे चोट के निशान

Wed, 09 Sep 2026 11:53 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू में डॉक्टर टीके लहरी की पिटाई का मामला थम नहीं रहा है। तमाम चर्चा के बीच अब डॉक्टर लहरी की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं उनके चेहरे पर अब भी निशान दिख रहा है। 
विज्ञापन
आईएमएस निदेशक से मिलते सपा नेता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईएमएस बीएचयू के कार्डियोथोरेसिक विभाग के इमेरिटस प्रोफेसर डॉ. टीके लहरी को थप्पड़ मारने की घटना के सामने आने के बाद बीएचयू प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके चेहरे पर अब भी निशान हैं। आंखों में लाल निशान भी ठीक नहीं हुई है। बयान जारी कर बीएचयू प्रशासन ने डॉ. लहरी को सिनाइल डिमेंशिया, व्यवहार परिवर्तन जैसी मानसिक बीमारियों से ग्रसित बताया है। इस पर सपा नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

विज्ञापन


महानगर अध्यक्ष दिलीप डे ने डॉ. लहरी से बांग्ला भाषा में बातचीत कर हाल पूछा। बताया कि जिस तरह से वह बातचीत कर रहे थे, कहीं से किसी तरह मानसिक रूप से ग्रसित नहीं लग रहे थे। इसी तरह की बात आईएमएस के प्रोफेसर ने भी उनसे मुलाकात के बाद कही। रिपोर्ट पर डॉ. लहरी के परिजनों ने भी आपत्ति जताई है।

इसे भी पढ़ें; डॉ. टीके लहरी मामला: सफाई के लिए बलपूर्वक रोका था, इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था; आरोपी डॉक्टर ने कही ये बात
विज्ञापन


बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पांचवें तल पर आईसीयू में बेड नंबर 2 पर भर्ती डॉ. टीके लहरी को गाली देने, थप्पड़ मारने का आरोप उन्हीं के विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय पर लगाते हुए परिजनों ने इसकी शिकायत बीएचयू प्रशासन से ईमेल से की। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यूपी सरकार के राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि बीएचयू पहुंचे और डॉ. लहरी के सेहत का हाल जाना। 

रविंद्र जायसवाल ने चोट के निशान, आंख में लालिमा देख हैरान हो गए तो उन्होंने जांच कमेटी गठित कर दी। दिलीप डे, सूबेदार सिंह सहित अन्य नेताओं का कहना है कि सात विभागों वाली जांच कमेटी बनाई गई है, सभी डॉक्टर बीएचयू के ही हैं, इस वजह से न्यायिक जांच बहुत जरूरी है। उनकी मांग पर आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कुलपति को पूरी जानकारी देने का आश्वासन दिया।

छह साल बाद हुई मुलाकात, सब कुछ दिखा सामान्य
दिलीप डे ने बताया कि वह डॉ. लहरी से पहले भी कई बार मिल चुके हैं, जब भी मिलते हैं, बांग्ला में ही बात करते हैं। इस बार छह साल बाद मुलाकात हुई तो डॉ. लहरी ने अपने सेवाकाल से लेकर बाकी कई बिंदुओं पर बातचीत की। बार-बार कहते नजर आए कि जो कुछ हुआ, उसे छोड़िए।
विज्ञापन

प्रोफेसर ने डॉ. लहरी के साथ गलियारे में लगाया चक्कर
मंगलवार शाम को आईएमएस बीएचयू कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर ओमशंकर भी डॉ. लहरी से मिलने पहुंचे। उन्होंने न केवल बातचीत की बल्कि गलियारे में उनके साथ तीन चक्कर भी लगाए। प्रो. ओमशंकर ने बताया कि बातचीत में सर कहीं से भी अव्यवहारिक नहीं लग रहे थे। उनकी स्मरण शक्ति भी ठीक थी। उन्होंने विश्वविद्यालय में अपनी ज्वाइनिंग से लेकर सेवाकाल तक के दिनों पर बातचीत की।

डाॅ. टीके लहरी के इलाज में सात विभागों के डॉक्टरों की टीम लगी है। पहले की तुलना में निगरानी भी बढ़ा दी गई है। हर स्तर पर बेहतर से बेहतर इलाज और देखभाल किया जा रहा है। उनकी आंख में लालीपन और चेहरे के अन्य दाग भी धीरे -धीरे अब खत्म हो रहे हैं। सपा नेताओं ने न्यायिक जांच की मांग की है। इससे कुलपति को अवगत कराया जाएगा। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें