वाराणसी। बहुप्रतीक्षित युवाओं का टीकाकरण अभियान पहले दिन शनिवार को अव्यवस्थाओं के हवाले रहा। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद भी केंद्र पर युवाओं को टीका लगवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा तो कई केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं दिखी। उधर, महिला अस्पताल में जैसे ही राज्यमंत्री डॉक्टर नीलकंठ तिवारी और सीएचसी शिवपुर पर राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल पहुंचे तो युवाओं का गुस्सा भड़क गया। मंत्री का गुस्सा भी भड़का और उन्होंने युवक को मारने को दौड़ा लिया। हालांकि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री बैकफुट पर रहे और युवक पर अभद्रता का आरोप लगाया।
जिले में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएचयू, जिला महिला अस्पताल समेत कुल 17 केंद्रों टीकाकरण की व्यवस्था की गई थी। युवाओं में टीके को लेकर इतना उत्साह है कि शहरी, ग्रामीण केंद्रों पर वे सुबह 9 बजे ही पहुंच गए थे। सीएचसी शिवपुर में धूप में खड़े युवाओं का कहना था कि जब टीका लगवाने के लिए पंजीकरण किया गया तो समय दोपहर 12 बजे का दिया गया, लेकिन यहां आने पर पता चला कि 1 बजे के पहले टीकाकरण की शुरुआत नहीं हो पाएगी। कहा कि पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के बाद भी टीका लगाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। शिवपुर में जब युवाओं ने राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल से सवाल पूछा तो वह भड़क गए।
दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पर टीकाकरण के लिए सुबह से लाइन में लोग खड़े थे। यहां भी राज्यमंत्री के उद्घाटन के बाद ही टीका लगने की बात कही गई। इस बीच दोपहर में जब राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल तय समय से देरी से उद्घाटन करने पहुंचे तो लोगों ने सवाल किया। इस पर मंत्री भड़क गए और नोकझोंक करने लगे। एक युवक को तो राज्यमंत्री ने दौड़ा भी लिया। हालांकि उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह पकड़ लिया नहीं तो मंत्री सवाल पूछने वाले को मारने के अंदाज में दौड़े थे। उनका यह रवैया देखकर टीकाकरण कराने गए लोगों मे नाराजगी रही।
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देरी से आने पर पर्यटन मंत्री को सुनाई खरी खोटी
कबीरचौरा स्थित महिला अस्पताल में राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी एक घंटे देरी पहुंचे और टीके के बारे में युवाओं से बात करनी चाही तो घंटों चिलचिलाती धूप में खड़े युवाओं ने दोनों मंत्रियों को खरी-खोटी सुनाई। उनका कहना था कि जब दोपहर एक बजे ही टीकाकरण शुरू होना था तो सुबह से क्यों खड़ा कराया गया था? कुछ केंद्रों पर दोपहर 12 बजे तक इंतजार होता रहा तो कुछ जगह उद्घाटन न होने की वजह से टीकाकरण शुरू नहीं हो सका। राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने युवाओं का गुस्सा बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तुरंत सभी को टीकाकरण के लिए हाल में ले जाने का निर्देश दिया। दोपहर एक बजे ही सही टीकाकरण शुरू हो गया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
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केंद्रों ने नहीं दिखी सामाजिक दूरी
जिला महिला अस्पताल, सीएचसी शिवपुर समेत कई केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखी। बाहर भीड़ जमा होने के अलावा केंद्रों पर अंदर भी भीड़ रही। ऐसे में संक्रमण बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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बोले युवा- लापरवाही की वजह से हुई समस्या
कोविन एप पर पंजीकरण कराने के बाद केंद्र पर पहुंचे तो पता चला कि दोपहर 1 बजे राज्यमंत्री के उद्घाटन के बाद टीकाकरण शुरू होगा। इस वजह से घंटे भर धूप में खड़े रहना पड़ा। जब 1 बजे उद्घाटन हुआ तब जाकर टीका लग सका। - सिमरन,चौक
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एप पर पंजीकरण के समय दोपहर 12 से 1 बजे तक का स्लॉट मिला था। समय से पहले आ भी गए। यहां आकर उद्घाटन के चक्कर में 1 बजे तक इंतजार क्यों कराया गया, यह समझ से परे है। इस तरह की लापरवाही पर अंकुश लगनी चाहिए। -गोविंद, विश्वेशरगंज
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जब अधूरी तैयारी थी तो टीकाकरण के लिए जल्दीबाजी ही क्यों की गई। जब पंजीकरण करा लिया गया तो समय से टीका भी लगाना चाहिए था, लेकिन राज्यमंत्री ही दोपहर 1 बजे आये, तब टीकाकरण शुरू हुआ। इस तरह की अव्यवस्था पर रोक जरूरी है। - विशाल, शिवपुर
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समय से टीका लग जाएगा, इसलिए पंजीकरण भी पहले करा लिया था। यहां आया तो देखा कि लोग धूप में लंबी लाइन में लगे हैं। हम भी 12 बजे से ही लाइन में खड़े रहे। एक घंटे बाद टीकाकरण के लिए हाल में ले जाया गया, तब टीका लगा। - मेधा दवे,नाटी इमली
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उद्घाटन करने गए मंत्री का मास्क खिसका
चिरईगांव। सीएचसी नरपतपुर पर शनिवार को 18 से 44 वर्ष वालों के टीकाकरण में भी लापरवाही देखने को मिली। एक तो उद्घाटन के इंतजार में दोपहर 12 बजे की जगह लगभग आधे घंटे देर से टीका लगना शुरू हुआ दूसरे उद्घाटन के लिए गए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर का मास्क भी खिसका रहा। इस तरह के हालात तब है, जब जिले में कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। देरी के बारे में जब सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर राजनाथ से टीका लगवाने पहुंचे लोगों ने पूछा तो उन्होंने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के उद्घाटन करने के बाद टीकाकरण की बात कही। इस पर लोगों ने आपत्ति जताई। तब लोगों का गुस्सा देख टीकाकरण शुरू हो गया। कुछ देर बाद मंत्री अनिल राजभर उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान मंत्री अनिल राजभर ने मास्क लगाने का ख्याल नहीं किया और फीता काटने में व्यस्त रहे।