पदाधिकारियों ने कहा कि कई पुराने अस्पताल और स्वास्थ्य इकाइयां वर्षों से संचालित हो रही हैं, लेकिन वर्तमान मानकों के अनुरूप पार्किंग और मानचित्र की शर्तें पूरी करना उनके लिए कठिन हो रहा है। इससे न केवल उनकी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं भी बाधित हो रही हैं।
इस पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि पहले से संचालित अस्पतालों के मामले में यदि उनके पास पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है, तो उन्हें प्रक्रिया में शामिल करते हुए आवश्यक अनुमति प्रदान की जाएगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में खुलने वाली नई स्वास्थ्य इकाइयों के लिए पार्किंग की अनिवार्यता का पालन करना होगा।
बैठक के दौरान आईएमए के अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष डॉ. भानु शंकर पांडेय, डॉ. एस.पी. सिंह सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन से चिकित्सकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की अपेक्षा जताई।