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ढहाए जाएंगे वरुणा डूब क्षेत्र के अवैध निर्माण

Fri, 16 Jun 2017 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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असि नदी की मुक्ति के लिए मंत्री ने चलाया फावड़ा।
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वरुणा के डूब क्षेत्र में कराए गए सैकड़ों अवैध निर्माणों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई होगी। गुरुवार को वाराणसी आए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने डूब क्षेत्र को हर हाल में कब्जामुक्त कराने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया है। मंत्री ने दो टूक कहा कि जो लोग खुद अपना कब्जा नहीं हटाएंगे, उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई होगी। प्रशासन उनके कब्जे हटवाएगा। इससे पहले सर्किट हाउस में बैठक के दौरान मंत्री ने भीमनगर में वरुणा की तलहटी पाटकर कब्जा करने और जमीन विनियमन में हुई घपलेबाजी में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली।
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दरअसल, असि पर मंत्री सुरेश खन्ना के श्रमदान के दौरान बेखौफ अंदाज में कराए गए अवैध निर्माणों का मसला उनके संज्ञान में लाया गया। इसके बाद जब मंत्री पीएम के संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई के लिए पहुंचे तो वहां भी सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जे की शिकायतों की झड़ी लगी। मंत्री इस पर बेहद गंभीर नजर आए। सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने अवैध कब्जाें की जानकारी की। अधिकारियों को हिदायत दी कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। डूब क्षेत्र में कराए गए अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जो खुद अपना कब्जा नहीं हटाते, उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई कर कब्जा हटवाया जाए।

इस दौरान मंत्री ने वरुणा किनारे भीमनगर में होटल एवं शराब कारोबारी द्वारा वरुणा की तलहटी पाटने के मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। नगर निगम की तीन सौ एयर भूमि को होटल कारोबारी के नाम विनिमय करने वाले एएसडीएम वसंत कुमार और अन्य अधिकारियों की भूमिका की शासन स्तर से जांच कराने के संकेत दिए। नगर विकास मंत्री को बताया गया कि राजस्व, नगर निगम, वीडीए और प्रशासन की मिलीभगत से वरुणा के 50 मीटर डूब क्षेत्र तक सैकड़ों अवैध निर्माण हो गए हैं। बीच शहर उच्चाधिकारियों की नाक के नीचे यह सिलसिला अब भी थमा नहीं है लेकिन जिम्मेदार बेखबर बने बैठे हैं। निगरानी करने वालों ने ही आंखें मूंद रखी हैं।
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बेखौफ अंदाज में कराए गए अवैध निर्माणों ने न सिर्फ वरुणा के प्रवाह को बाधित किया है बल्कि पूरे शहर को एक भीषण संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। वरुणा कॉरिडोर के लिए कराए गए डेन सर्वे में नदी क्षेत्र में अवैध निर्माण का यह सच सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से खुद प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिंचाई विभाग की ओर से 130 और वीडीए की ओर से 762 लोगों को नोटिस दिया गया था। इसके बाद ढहाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई। सपा सरकार में कई बार मंत्री और अधिकारी आए लेकिन अवैध निर्माणों को ढहाने में बस जुबानी जमा खर्च हुआ।
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