निर्माण कार्य के आसपास जाने वालों को धमकाया गया और कुछ लोगों ने तस्वीर लेने की कोशिश की तो उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। 23 नवंबर 2021 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी)में असि नदी को बचाने के लिए वाद दाखिल किया गया था। इसके बाद एनजीटी ने असि नदी को पुनर्जीवित करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिए थे।
एनजीटी की दो सदस्यीय पीठ ने 26 फरवरी 2022 को 40 पृष्ठ का दिशा निर्देश जारी किया था। इसमें जिला प्रशासन को आदेश दिया गया था कि असि और वरुणा के दोनों ओर बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन पिलर लगाकर किया जाए। जिला प्रशासन का दावा है कि वह असि नदी को पुनर्जीवित करने की योजना पर काम कर हैं।
असि बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक गणेश शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि असि नदी को बेचने और पाटने का खेल अनवरत जारी है। असि की तलहटी में निर्माण करने वालों को किसी का खौफ नहीं है और बेधड़क होकर निर्माण कार्य कर रहे हैं। सुबह से चल रहे निर्माण में शाम तक पांच लगभग फीट की ऊंचाई तक दीवार का पक्का निर्माण हो चुका था।