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अवैध प्लाटिंग करने वालों पर वीडीए सख्त, पांच डेवलपर्स के निर्माणों पर चली जेसीबी

Sun, 03 Dec 2017 02:11 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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अवैध निर्माण ढहाती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में बाबतपुर के पास एनएच-56 के किनारे अवैध प्लाटिंग करने वाले पांच डेवलपर्स के खिलाफ शनिवार को वीडीए ने बड़ी कार्रवाई की। जेसीबी से उनके कार्यालय और प्लाटिंग के लिए खड़ी की गईं दीवारें ध्वस्त करा दीं।
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पांचों डेवलपर्स के विरुद्ध बड़ागांव थाने में मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति के साथ शासन को पत्र भेजा है। वीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर इलाके के जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ भी शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

ये सभी डेवलपर्स वाराणसी-जौनपुर मार्ग के किनारे 108 एकड़ जमीन पर बिना लेआउट और नक्शा पास कराए प्लाटिंग कर रहे थे। वीडीए की कार्रवाई से कालोनाइजर और डेवलपर्स में हड़कंप है। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के नेतृत्व में विभागीय दस्ता वाराणसी-जौनपुर मार्ग (एनएच-56) पहुंचा था।
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वीडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक वन प्लेस ग्रुप की ओर से बिना नक्शा पास कराए आधा एकड़ में प्लाटिंग की जा रही थी। अहरक गांव के पास सूर्या इंक्लेव ग्रुप की ओर से ढाई एकड़ में 60 प्लाट आवंटित किए गए थे। अठगांवा के पास वृंदावन सिटी के नाम से तीन एकड़ में 100 प्लाट बेचे जाने की बात सामने आई।

सर सैय्यद सोसाइटी पश्चिमपुर अहरक में 100 एकड़ में पिलर्स खड़े किए गए थे। रेलवे लाइन के पास विधान डेवलपर्स की ओर से दो एकड़ में प्लाटिंग कराई जा रही थी। इनमें से एक भी डेवलपर्स ने वीडीए से कोई लेआउट और नक्शा पास नहीं कराया है।

इन सभी के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही बड़ागांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इलाके के विभागीय जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी शासन से संस्तुति की गई है।

वहीं क्षेत्र के एसडीएम के अलावा आर्थिक अपराध शाखा को भी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपी गई है। टीम में तहसीलदार, अविनाश कुमार, प्रभाकर पांडेय, वीपी मौर्या आदि शामिल थे। 
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छह महीने बाद भी शासन और वीडीए मौन 

ढहाया गया निर्माण - फोटो : अमर उजाला
हाईवे किनारे अवैध कॉलोनियों का जाल बिछाने वाले डेवलपर्स के खिलाफ छह माह पहले वीडीए ने कार्रवाई तो शुरू की लेकिन अब तक उसका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ पाया। न अवैध प्लाटिंग का सिलसिला थमा न ही ऐसे डेवलपर्स की नकेल कसी जा सकी।

हाईवे किनारे जगह-जगह डेवलपर्स किसानों की जमीन कॉलोनी के लिए प्लाटिंग कर रहे हैं। वीडीए ने एनएच-दो पर मोहनसराय से मुगलसराय के बीच 15 जुलाई और 30 अगस्त को छापेमारी की थी।

बिना ले आउट पास कराए प्लाटिंग करा रहे 14 बड़े डेवलपर्स के निर्माण ध्वस्त कराने के साथ ही उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की थी लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। न शासन ने कोई कार्रवाई की न वीडीए ने ही उसके बाद गंभीरता बरती।

शहर के बाहरी हिस्सों में मनमाने तरीके से बेतहाशा प्लाटिंग की जा रही है। अनियोजित और अनियंत्रित विकास पर लगाम कसने के लिए लंबे-चौड़े दावे करने वाले उच्चाधिकारी और जनप्रतिनिधि आंखें मूंदे बैठे हैं।

वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित खरे का कहना है कि वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर वीडीए से बिना नक्शा पास कराए डेवलपर्स की ओर से प्लाटिंग की शिकायतें मिली थीं। मौके पर जाकर जांच की गई तो शिकायतें सही पाई गईं।

डेवलपर्स के कार्यालयों को ढहाकर प्लाटिंग एरिया सील कर दी गई है। घर बनाने वालों से अपील है कि कोई भी जमीन, प्लाट या फ्लैट खरीदने से पहले वीडीए से उसके बारे में पूरी तरह तस्दीक कर लें। डेवलपर्स के बहकावे में न आएं।
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वरुणा किनारे के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जल्द 

कार्रवाई करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
वरुणा किनारे के अवैध निर्माणों पर विकास प्राधिकरण जल्द शिकंजा कसेगा। नदी के दोनों तरफ 50 मीटर के दायरे में चिह्नित 762 अवैध निर्माणों को प्राधिकरण साल भर पहले ही नोटिस जारी कर चुका है।

वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने शनिवार को दावा किया कि नोटिस के बाद अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। इसके लिए अभियान हफ्ते भर के अंदर शुरू करने की तैयारी है। दरअसल, वरुणा कॉरिडोर की योजना के बाद से ही अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का मामला लंबित है।

सर्वे और चिह्नांकन के बाद नोटिस तो वीडीए और सिंचाई विभाग की ओर से जारी कर दिया गया लेकिन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। अब वीडीए का दावा है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई हफ्ते भर में शुरू कर दी जाएगी।

वरुणा के साथ ही गंगा किनारे दो सौ मीटर के दायरे में दशाश्मवमेध से राजघाट के बीच कराए गए अवैध निर्माण ढहाए जाएंगे। इसके अलावा, वीडीए ने शहर के 100 ऐसे व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों, होटलों और शॉपिंग कांपलेक्स को चिह्नित किया है, जहां बेसमेंट नहीं है या फिर वहां पार्किंग की सुविधा नहीं है।

इनके आसपास सड़क पर वाहन खड़े होने से जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इनके विरुद्ध भी वीडीए ने जल्द कार्रवाई की तैयारी की है। वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि भवन निर्माण कराने वालों को कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए जल्द ही वार्ड नंबर तीन में चौपाल लगाई जाएगी। वहां मौके पर शुल्क जमा कराकर नक्शा पास किया जाएगा। इसमें चौक, आदमपुर और कोतवाली जोन के रहने वाले नागरिक अपना नक्शा पास करा सकते हैं।
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