समारोह के उपलक्ष्य में होंगी कई प्रतियोगिताएं
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में भाषण, निबंध, काव्य लेखन, चित्रकला, लोकगीत-लोकनृत्य, पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं भी होंगी। इसके अलावा पुस्तक समीक्षा, बौद्धिक विमर्श, गोद लिए गए गांवों में जन जागरूकता अभियान, पर्यावरण व स्वच्छता कार्यक्रम, आंगनबाड़ी किट वितरण, उत्कृष्ट आंगनबाड़ी केंद्रों का सम्मान, मां-बेटी सम्मेलन सहित कई शैक्षणिक, सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम होंगे।
विद्यार्थियों ने एक घंटे तक पढ़ी किताब
दीक्षांत समारोह की शृंखला के तहत सोमवार को पुस्तक पठन दीक्षोत्सव मनाया गया। विद्यार्थियों ने एक घंटे तक किताब पढ़ी। प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों व शिक्षकों में पुस्तक पठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करना, अध्ययन के प्रति गंभीर, एकाग्र एवं चिंतनशील दृष्टिकोण विकसित करना है। पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि संस्कार, चिंतन, व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों की सबसे सशक्त आधारशिला हैं।