90% से कम उपस्थिति पर नहीं मिलेगा सर्टिफिकेट
कार्यशाला को केवल व्याख्यान-शृंखला न बनाकर एक शैक्षणिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में संचालित किया जाएगा। प्रतिभागियों का मूल्यांकन निम्नलिखित आधारों पर किया जाएगा। इसमें 60 अंकों की ऑनलाइन बहुविकल्पीय परीक्षा होगी जो सभी व्याख्यानों पर आधारित होगी। 30 अंकों का असाइनमेंट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। 10 अंकों का ओवरऑल प्रजेंटेशन देना होगा।
कार्यशाला पूर्णता प्रमाण-पत्र सिर्फ उन्हीं प्रतिभागियों को दिया जाएगा जो न्यूनतम 90 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ परीक्षा में सम्मिलित होंगे और असाइनमेंट जमा करेंगे। भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. शरदिंदु कुमार तिवारी ने बताया कि यह कार्यशाला भारतीय ज्ञान परंपरा के अकादमिक अध्ययन को मजबूत करने और भारत की बौद्धिक व सांस्कृतिक विरासत के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक बड़ी पहल है।