वाराणसी। आईआईटी में दाखिला लेने वाले छात्र छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। इसके लिए 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत की बाध्यता खत्म करने के आईआईटी की जॉइंट एडमिशन बोर्ड के फैसले को शिक्षकों के साथ ही इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों ने भी सराहा है। कोरोना काल में इसे राहत भरा फैसला बताया है। उनका कहना है कि अब अधिक से अधिक छात्रों को इसमें मौका मिल सकेगा।
अधिक छात्रों को परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। 75 प्रतिशत की बाध्यता खत्म होने से छात्रों पर परीक्षा का दबाव भी कम होगा। - एके झा, इंजीनियरिंग तैयारी कराने वाले शिक्षक।
ऐसी स्थिति में जब महामारी चल रहा है तो आईआईटी में दाखिले के लिए यह फैसला छात्रों के हित में है। इससे उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा। - अपर्ण खन्ना, छात्र
इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा को लेकर यह अहम फैसला है। इससे प्रतिभावान छात्रों को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। - प्रो. एके अग्रवाल, आईआईटी बीएचयू
कोरोना संक्रमण के समय में इस तरह का फैसला सराहनीय है। इससे इंजीनियरिंग की तैयारी करने में लगे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और अधिक छात्रों को अवसर मिलेगा। - प्रांशु, छात्र