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कम लागत में पैदा होगी ज्यादा बिजली: IIT BHU ने विकसित की नई तकनीक, केंद्र सरकार से मिला पेटेंट

Mon, 09 Sep 2024 12:14 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी ने नई तकनीक विकसित की है। इससे कम लागत में ज्यादा बिजली पैदा होगी। इस उन्नत सोलर एनर्जी प्लांट की तकनीक को केंद्र सरकार से पेटेंट मिला है। इससे दूर-दराज के गांवों की ऊर्जा आवश्यकता की पूर्ति करने में मदद मिलेगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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आईआईटी बीएचयू के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के शोधकर्ताओं ने सौर ऊर्जा उत्पादन में उन्नत सोलर एनर्जी प्लांट की नई तकनीक विकसित की है। नई डिजाइन का यह सोलर प्लांट पहले से चले आ रहे सोलर प्लांट के मुकाबले कम लागत में अधिक बिजली का उत्पादन करेगा।

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रिसर्च टीम का नेतृत्व कर रहे आईआईटी मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक इस नवीन सोलर चिमनी पॉवर प्लांट डिजाइन में विशेष रूप से निर्मित इनलेट आकार और संकुचित कलेक्टर शामिल हैं। इससे हवा का प्रवाह बढ़ता है, जिससे टरबाइन की गति और बिजली उत्पादन में वृद्धि होती है। अनुकूलित वायु प्रवाह गति के साथ नया डिजाइन ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाता है। इससे ग्रामीण इलाकों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। समान लागत पर अधिक बिजली उत्पादन के कारण यह पारंपरिक सोलर चिमनी पॉवर प्लांट की तुलना में अधिक किफायती है।

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इस प्रकार अलग है यह खोज

इस सोलर चिमनी पॉवर प्लांट में इनलेट और कलेक्टर इसकी खासियत हैं। बेल-माउथ आकार का इनलेट और संकुचित कलेक्टर मिलकर वायु का वेग बढ़ाते हैं, जिससे अधिक बिजली उत्पादन होता है। पिछले डिजाइन वायु प्रवाह गतिकी का पूरा लाभ उठाने में सक्षम नहीं थे।

प्रो. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि नया सोलर चिमनी पावर प्लांट सूर्य की गर्मी से बिजली उत्पादन के लिए बेहतर और सस्ता विकल्प है। इस अनुसंधान को भारत सरकार से पेटेंट मिला है।
 
बड़ा हो सकता है शुरुआती निवेश
प्रो. ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक किसी उन्नत तकनीक की तरह इस नए सोलर चिमनी पॉवर प्लांट डिजाइन को लागू करने में पर्याप्त प्रारंभिक निवेश की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि, यह डिजाइन अधिक कुशल है फिर भी इसके सोलर कलेक्टर और चिमनी के लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता पड़ती है।
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