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IIT BHU: छात्रों ने बनाया एक ऐसा वैक्यूम क्लीनर जो सफाई के साथ रखेगा बच्चों का भी ख्याल, जानें क्या है खासियत

Wed, 29 Mar 2023 09:56 AM IST
किरन रौतेला वैशाली मिश्रा, अमर उजाला, वाराणसी

सार

शोध टीम से जुड़े आर्यन जाधव ने बताया कि आधुनिक तकनीक से निर्मित वैक्यूम क्लीनर कामकाजी और घर पर रहने वाली महिलाओं का मददगार बनेगा। अगर मां किचन में काम कर रही है और बच्चा कहीं इधर-उधर जाता है तो ये वैक्यूम क्लीनर उसके पीछे जाएगा। अलार्म बजेगा। अगर बच्चे हाथ में कोई खतरनाक सामान जैसे चाकू, कैंची आ गया तो मोबाइल फोन पर मैसेज देकर आगाह कर देगा।
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IIT BHU के छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नौकरी पेशा दंपतियों व एकल परिवार की महिलाओं की सहूलियत को ध्यान में रखकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) बीएचयू के विद्यार्थियों ने कमाल का वैक्यूम क्लीनर बनाया है। कैमरा और सेंसर युक्त वैक्यूम क्लीनर मोबाइल फोन से कनेक्ट है। इसकी मदद से बच्चों ख्याल रखा जा सकता है। इसे हाउसहोल्ड बॉट नाम दिया गया है। यह एक तरह का रोबोट है, जो जरूरत के हिसाब से मोबाइल फोन पर अलर्ट मैसेज या फिर नोटिफिकेशन भेज देगा।

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बच्चों का ख्याल रखना चुनौतीपूर्ण होता है। यह तब ज्यादा रहता है, जब माता-पिता नौकरी करते हैं। इसी दिक्कत को आईआईटी के विद्यार्थियों ने आसान बनाने की कोशिश की है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ श्याम कमल की देखरेख में हर्ष माहेश्वरी, आर्यन जाधव, अर्यमान गुप्ता और प्रांशु ने एक ऐसा वैक्यूम क्लीनर तैयार किया है, जो घर की सफाई के साथ बच्चों का भी ख्याल रखेगा। विद्यार्थियों के मुताबिक, वैक्यूम क्लीनर कैमरा व सेंसर युक्त है। अगर बच्चा घर में अकेला है और दुर्घटना जैसी स्थिति बनती है तो ये माता-पिता या फिर अभिभावक के मोबाइल फोन पर मैसेज भेज देगा। इतना ही नहीं घर या आसपास कोई अनजान व्यक्ति दिखा तो कैमरा उसे डिटेक्ट कर लेगा। इसका नोटिफिकेशन भी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पहुंच जाएगा। इसे वाई-फाई और ब्लू टूथ से भी कनेक्ट किया जा सकता है। 

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iit bhu - फोटो : twitter
बच्चों के पीछे भी जाएगा वैक्यूम क्लीनर
शोध टीम से जुड़े आर्यन जाधव ने बताया कि आधुनिक तकनीक से निर्मित वैक्यूम क्लीनर कामकाजी और घर पर रहने वाली महिलाओं का मददगार बनेगा। अगर मां किचन में काम कर रही है और बच्चा कहीं इधर-उधर जाता है तो ये वैक्यूम क्लीनर उसके पीछे जाएगा। अलार्म बजेगा। अगर बच्चे हाथ में कोई खतरनाक सामान जैसे चाकू, कैंची आ गया तो मोबाइल फोन पर मैसेज देकर आगाह कर देगा।

एक वर्ष से काम कर रही टीम
हर्ष के मुताबिक टीम पिछले एक वर्ष से हाउसहोल्ड बॉट पर काम कर रही है। बाजार में आने में अभी डेढ़ वर्ष और लगेंगे। सेंसर युक्त वैक्यूम क्लीनर बनाने में ज्यादा खर्च नहीं आया है, लेकिन इसमें लगे कैमरे महंगे हैं। कोशिश है कि 30 से 35 हजार रुपये में सेंसर युक्त वैक्यूम क्लीनर लोगों को मिल जाए। इसके बाजार में आने से माता-पिता के जीवन में बदलाव आएगा।

हाउसहोल्ड बॉट बनाने की पहल अच्छी है। इसे आगे बढ़ाया जाएगा। प्रौद्योगिकी संस्थान की तरफ से हर संभव मदद दी जाएगी। इस तरह के तमाम शोध चल रहे हैं। - प्रो. पीके जैन, निदेशक, आईआईटी बीएचयू
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