खिलाड़ियों ने किया स्वागत
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिर्फ पांच महीने की तैयारी में छह खिलाड़ियों ने ओलंपिक में क्वालिफाई किया और एक ने पदक भी जीता। किसी का नाम लिए बिना कहा कि खेल के दुश्मन और देशद्रोही अड़ंगा नहीं लगाते तो सभी कुश्ती खिलाड़ी पदक जरूर जीतते।
एक सवाल में पूछा गया कि खेलों में देश द्रोहियों से निपटने का रोडमैप क्या है। इस पर उन्होंने कहा कि अगर उन्हें भारतीय कुश्ती संघ में स्वतंत्र छोड़ दिया जाए तो वह खेल के दुश्मन और देश द्रोहियों से निपट लेंगे। पिछले चार ओलंपिक से लगातार पदक आ रहे हैं। इस बार तैयारी के लिए समय कम मिलने पर निराशा हाथ लगी है।
दीपक पूनिया तो लापरवाही की वजह से ओलंपिक नहीं जा पाए। कहा कि पूर्वांचल के खिलाड़ी लगातार पदक जीत रहे हैं। इस वर्ष एशियन कुश्ती में तीन पदक आ चुके हैं। कहा कि पूर्वांचल में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।