दो जगह सीटी स्कैन, तीन मशीन पर एमआरआई की सुविधाएं
सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की जहां तक बात हैं तो यहां गैस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक, इंडोक्राइनोलॉजी, सर्जिकल आंकोलॉजी की ओपीडी चलती है जबकि वार्डों में मरीज भी भर्ती होते हैं। ओपीडी, वार्ड वाले मरीजों को डॉक्टर एमआरआई, सीटी स्कैन लिखते हैं तो उनको बीएचयू अस्पताल स्थित जांच कक्ष का चक्कर लगाना पड़ता है।
यहां इमरजेंसी वालों की जांच तो तुरंत हो जाती है लेकिन कुछ मरीजों को 15-20 दिन से लेकर महीने भर का समय मिलता है। निदेशक ने रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अमित नंदन धर द्विवेदी के प्रयास की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि निश्चित तौर पर इसका लाभ मरीजों को मिलेगा।
इस दौरान अस्पताल के एमएस प्रो.केके गुप्ता, प्रो. शिवी जैन, प्रो. ईसान कुमार, डिप्टी एमएस प्रो. अंकुर सिंह, डॉ. रितु ओझा सहित रेडियोडायग्नोसिस विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
सएसबी में 128 स्लाइस की नई सीटी स्कैन, 1.5 टेस्ला की एमआरआई मशीन के लगने के बाद अब अस्पताल में दो जगह सीटी स्कैन जबकि तीन मशीन पर एमआरआई की सुविधा मिलेगी। हाईटेक मशीन का निश्चित तौर पर लाभ मरीजों को मिलेगा। पहले की तुलना में अब केवल दो दिन तक की वेटिंग रहेगी। बताया कि पहले दिन 20 मरीजों का सीटी स्कैन और 20 की एमआरआई जांच भी हुई।