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सिविल सेवा परीक्षा में पूर्वांचल से 17 ने कामयाबी के झंडे गाड़े

Fri, 02 Jun 2017 03:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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अनपरा के प्रभात कुमार को मिठाई खिलाते उनके माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
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मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। कुछ ऐसा ही हौसला पूर्वांचल के 17 युवाओं ने यूपीएसी की परीक्षा में कर दिखाया है। वहीं ऊर्जांचल से पहली बार जनपद से सात होनहारों ने कामयाबी हासिल कर हर किसी को गौरवान्वित कर दिया है।
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इसमें अनपरा से चार, शक्तिनगर से एक और सिंगरौली से दो युवाओं के नाम शामिल हैं। बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के गोन्हिया छपरा निवासी शशांक शेखर सिंह और रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी सत्यजीत कुमार गुप्ता ने यूपीएससी परीक्षा में क्रमश: 306वीं और 461वीं रैंक हासिल की है।

शशांक वर्तमान में भूमिगत जल आर्सेनिक निवारण विषय पर पीएचडी के साथ-साथ आईएएस बनने की तैयारी भी कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी सत्यजीत कुमार गुप्ता ने यूपीएससी परीक्षा में 461वीं रैंक मिली है।
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पिता पदुम गुप्ता, माता लक्ष्मी गुप्ता खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। सत्यजीत गुजरात में पावर ग्रिड में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।  पीसीएल में तैनात अधीक्षण अभियंता एसके सरोज के बेटे अंकित ने तीसरे प्रयास में 715 रैंक हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया।

वहीं अनपरा परियोजना में सहायक अभियंता के रूप में तैनात प्रभात कुमार ने अपने चौथे प्रयास में सिविल सर्विसेज में कामयाबी पाई। उन्होंने चौथे प्रयास में 1056वीं रैंक हासिल की। वहीं रोहित सिंह ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल करते हुए 782 रैंक लाई।

मूलत: अलीगढ़ निवासी रोहित के पिता रामचरन सिंह अनपरा परियोजना में अधीक्षण अभियंता हैं। शक्तिनगर के ज्वालामुखी कालोनी निवासी आरती सिंह यूपीएससी परीक्षा में 118वां रैंक अर्जित की। इससे पहले आरती जहां यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश में पीसीएस परीक्षा क्वालीफाई कर चुकी हैं।
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आजमगढ़ के पंकज को मिठाई खिलाते उनके परिवार वाले - फोटो : अमर उजाला
वह मौजूदा समय में मेरठ में बीडीओ के रूप में तैनात है। इसी तरह सिंगरौली के अंजनी सिंह ने 392वीं और सिंगरौली के सरई इलाके के रमाकांत तिवारी ने 432वां रैंक अर्जित कर परिवार और क्षेत्र का मान बढ़ाया।

जखनियां (गाजीपुर): क्षेत्र के मुड़ियारी गांव के गुरु प्रसाद को आईएएस में तीसरी बार भी 299वां रैक मिली है। गुरु प्रसाद ने आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक किया। 2015 में भी आईएएस में चयन के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नागपुर में वित्त मंत्रालय के अपर आयुक्त पद पर प्रशिक्षण ले रहे थे।
  वहीं मुहम्मदाबाद के स्थानीय विकास खंड के बैजलपुर गांव के आशुतोष कुमार राय ने आईएएस में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रौशन किया है।आशुतोष के पिता तेज नारायण राय बैंक के कर्मचारी हैं। पहले ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा में 500वां रैंक हासिल की। आशुतोष अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता तेजनारायण राय एवं माता शैल कुमारी को देते हैं।
आजमगढ़: सदर तहसील क्षेत्र के समेंदा गांव निवासी डा. आशुतोष सिंह पुत्र भूपेंद्र वीर सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा में 338वीं रैंक हासिल की है। बीएचयू से बीएमएस करने के बाद एमएस आर्थों किया। अपने दूसरे प्रयास में इन्होंने यह सफलता दर्ज की है।
अतरौलिया: अतरौलिया विकास खंड के महंगूपुर ढ़ाहर गांव निवासी पंकज कुमार मिश्रा ने सिविल सेवा परीक्षा में 414वीं रैंक हासिल की। इनके पिता राकेश कुमार मिश्रा बलरामपुर के जिलाधिकारी हैं और माता शीला मिश्रा गृहणी हैं। उन्होंने एसआरएम यूनिवर्सिटी चेन्नई से बीटेक आईटी की परीक्षा पास की। यह सफलता उन्हें चौथे प्रयास में मिली है।

जौनपुर: जिले के चार होनहारों ने आईएएस और आईपीएस बनकर जिले का नाम रोशन कर दिया है। तीन का चयन आईएएस और एक का चयन आईपीएस पद पर हुआ है। महराजगंज: क्षेत्र के सवंसा गांव निवासी अवनीश चंद सिंह की बेटी नम्रता सिंह का चयन आईएएस के लिए हुआ है। उसे 334 वीं रैंक मिली है।
सिकरारा: लाइन बाजार थाना क्षेत्र के अहिरौली मदारपुर निवासी सैय्यद कासिम आब्दी को आईएएस में 177 वीं रैंक मिली है। कासिम के पिता सैय्यद मो. अकबर पेप्सी कंपनी में सहायक मैनेजर पद से रिटायर हुए हैं। मछलीशहर के परसूपुर गांव निवासी जीतलाल वर्मा के बेटे अंकित वर्मा को 879 वीं रैंक मिली है। 2014 में खड़गपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की।

जफराबाद: थाना क्षेत्र के धनेजा गांव निवासी रामदुलार यादव के बेटे प्रमोद कुमार यादव चयन आईपीएस के पद पर हुआ है। प्रमोद यादव वर्तमान में आजमगढ में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात है। पहले प्रयास में 2010 में एसआई बने लेकिन तीन महीने बाद पद से इस्तीफा दे दिया।
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