अनपरा के प्रभात कुमार को मिठाई खिलाते उनके माता-पिता
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मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। कुछ ऐसा ही हौसला पूर्वांचल के 17 युवाओं ने यूपीएसी की परीक्षा में कर दिखाया है। वहीं ऊर्जांचल से पहली बार जनपद से सात होनहारों ने कामयाबी हासिल कर हर किसी को गौरवान्वित कर दिया है।
इसमें अनपरा से चार, शक्तिनगर से एक और सिंगरौली से दो युवाओं के नाम शामिल हैं। बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के गोन्हिया छपरा निवासी शशांक शेखर सिंह और रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी सत्यजीत कुमार गुप्ता ने यूपीएससी परीक्षा में क्रमश: 306वीं और 461वीं रैंक हासिल की है।
शशांक वर्तमान में भूमिगत जल आर्सेनिक निवारण विषय पर पीएचडी के साथ-साथ आईएएस बनने की तैयारी भी कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी सत्यजीत कुमार गुप्ता ने यूपीएससी परीक्षा में 461वीं रैंक मिली है।
पिता पदुम गुप्ता, माता लक्ष्मी गुप्ता खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। सत्यजीत गुजरात में पावर ग्रिड में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। पीसीएल में तैनात अधीक्षण अभियंता एसके सरोज के बेटे अंकित ने तीसरे प्रयास में 715 रैंक हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया।
वहीं अनपरा परियोजना में सहायक अभियंता के रूप में तैनात प्रभात कुमार ने अपने चौथे प्रयास में सिविल सर्विसेज में कामयाबी पाई। उन्होंने चौथे प्रयास में 1056वीं रैंक हासिल की। वहीं रोहित सिंह ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल करते हुए 782 रैंक लाई।
मूलत: अलीगढ़ निवासी रोहित के पिता रामचरन सिंह अनपरा परियोजना में अधीक्षण अभियंता हैं। शक्तिनगर के ज्वालामुखी कालोनी निवासी आरती सिंह यूपीएससी परीक्षा में 118वां रैंक अर्जित की। इससे पहले आरती जहां यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश में पीसीएस परीक्षा क्वालीफाई कर चुकी हैं।