वाराणसी में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए प्राइवेट कंपनी द्वारा करीब 130 चालकों को हायर किया गया है। अलग-अलग शिफ्ट में ये काम करते हैं। आक्रोशित बस संचालक नारेबाजी करते हुए तत्काल वेतन देने की मांग पर अड़े रहे।
छह माह से वेतन नहीं मिलने से खफा ई-बसों के 127 परिचालकों ने वाराणसी के मिर्जामुराद डिपो गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। डिपो से एक भी बस बाहर नहीं निकलने दी गई। परिचालन ठप होने की सूचना मिलते ही पहुंचे रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक ने परिचालकों को समझा कर मनाया। सुबह नौ बजे परिचालन बहाल हुआ।
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परिचालकों ने बताया कि वंशिका एजेंसी को वेतन का भुगतान करती है। कई बार अधिकारियों से संपर्क कर वेतन नहीं मिलने की शिकायत की गई। मगर हर बार आश्वासन ही मिला। सुबह छह बजे ही परिचालक एकजुट हुए और डिपो का गेट बंद करते हुए वेतन की मांग करने लगे। इधर, बस का संचालन न होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विरोध प्रदर्शन में आशुतोष विक्रम, रामबाबू, अखिलेश पाल, चंद्रभान, इरफान आदि शामिल रहे। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि एजेंसी से संपर्क किया गया है ताकि जल्द से जल्द वेतन दिलवा सकें।