जांच के दौरान टीम को अस्पताल का पंजीयन होना नहीं मिला। वहीं अस्पताल में एसएनसीयू वार्ड-एक कमरे में संचालित था, इसमें तीन वार्मर मशीन लगी थीं। तीनों पर नवजात का उपचार हो रहा था। छापेमारी की सूचना मिलने पर अस्पताल के संचालक और डॉक्टर गायब हो गए।
प्रशासन ने एंबुलेंस से तीनों नवजात को जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां इलाज के लिए जाते समय एक नवजात की मौत हो गई। इस बाबत सीएमओ डॉ सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि निरीक्षण में अस्पताल बिना पंजीयन के संचालित होता मिला। इस कारण उसे सीज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कारवाई के दौरान मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी प्रभारी डॉ. एपी सिंह, रानीपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. दिनेश कुमार भी मौजूद रहे।
कई चिकित्सकों का मिले लैटरपेड
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम-सीएमओ की कारवाई के दौरान बिना पंजीयन के संचालित अस्पताल में कई चिकित्सकों के लेटर पैड मिले। वहीं संयुक्त टीम ने मौजूद दो लोगों से कई जानकारी ली।