खुद को बचाने के लिए जो जिसको जहां सुरक्षित स्थान मिला भागा। लेकिन घोड़े के सामने जो आया उसे घायल कर दिया। घोड़ा घुड़सवार से छुटकर बेलगाम होकर सड़क पर दौड़ने लगा। बेलगाम घोड़ा दौड़ते समय सड़क पर जा रहे एक बाइक सवार को भी बुरी तरह मार गिराया जिसे बरातियों के सहयोग से बचाया जा सका।
घोड़े की मार से दूल्हे की माता उमा देवी, पिता शिव बाबू मोदनवाल, पड़ोसी निर्मला देवी और खुद दूल्हा घायल हो गया। घोड़ा तेजी से दौड़ते हुए एक चार पहिया वाहन से भिड़ गया जिसके कारण उसको गंभीर चोटे आईं और वह सड़क पर ही गिर गया। चोट से घोड़े का पैर टूटना बताया गया, तब जाकर घोड़ा शांत हुआ और बरातियों ने राहत की सांस ली।
परिजनों ने सभी घायलों का विभिन्न प्राइवेट डॉक्टरों के यहां इलाज कराया जिसमें दूल्हें की मां उमा देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज अभी प्राइवेट अस्पताल में हो रहा है। सभी को हल्की चोटें आने के कारण दवा कराने के बाद बारात किसी तरह मड़ियाहूं कस्बे के लिए विदा हो सकी।