फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजमगढ़ में घोड़ा और चार खच्चरों को इंजेक्शन देकर मारा गया, जानिए कारण

Wed, 23 May 2018 10:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
ग्लैंडर्स बीमारी के बाद घोड़ा और चार खच्चरों को मारा गया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यूपी के आजमगढ़ जिले में मंगलवार को चार खच्चरों और एक घोड़े प्वाइजन का इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इसके बाद इन्हें नमक के साथ दफना दिया गया। घोड़े और खच्चरों में ग्लैंडर्स नाम की बीमारी की पुष्टि हुई ती। बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उन्हें मार दिया गया।
विज्ञापन


सीवीओ ने बताया कि प्रत्येक माह सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। पुष्टि होने से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव के पास भट्ठे पर काम करने वाले नियाज अहमद के चार खच्चर और छोटेलाल के एक घोड़े में ग्लैंडर्स नामक बीमारी की पुष्टि हुई है। ये

बीमारी इंसानों को भी हो सकती थी जो कि लाइलाज है। सीवीओ वीके सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों ने प्वाइजन का इंजेक्शन लगाकर जानवरों को मार दिया। देशभर में सैकड़ों घोड़ों को इस बीमारी ने संक्रमित कर रखा है।
विज्ञापन


इस बीमारी की वजह से पूरे शरीर में गांठें होने लगती हैं। नाक और मुंह से लगातार पानी बहता रहता है। धीरे-धीरे ये गांठें जानलेवा बन जाती हैं। सबसे खतरनाक बात ये है कि इस रोगी के संपर्क में आने वाला हर जानवर और इंसान भी इसका शिकार बन जाता है।
विज्ञापन

पहली बार आजमगढ़ में मिली बीमारी 


पशु चिकित्सा विभाग की ओर से प्रत्येक माह खच्चरों, घोड़ों और गधों का सैंपल लेकर ग्लैंडर्स की जांच के लिए हिसार भेजा जाता है। अब तक 150 सैंपल भेजे जा चुके हैं। अभी तक ये बीमारी जनपद में नहीं मिली थी। जनपद में इस प्रजाति के कुल 1700 जानवर हैं।

पहली बार इस बीमारी की पुष्टि होने से हड़कंप मचा है। उन्होंने बताया कि मऊ और जौनपुर ये बीमारी पहले भी मिल चुकी है। भट्ठे पर काम करने वाले अपने जानवरों लेकर वहां जाते रहते हैं। वहीं से ये बीमारी आई है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें