यह परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक जिले के 45 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे और दूसरी पाली दोपहर 3 से 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा में कुल 20,112 अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रत्येक केंद्र पर एक सेक्टर और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, ताकि निगरानी और व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
जिलाधिकारी ने पैकेजिंग और ओएमआर शीट से जुड़ी त्रुटियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही सभी केंद्रों को परीक्षा से पहले सेनिटाइज कराने, कक्ष निरीक्षकों की ब्रीफिंग और डी-ब्रीफिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुदृढ़ रखने और डीवीआर के माध्यम से लगातार रिकॉर्डिंग करने को भी अनिवार्य किया गया है।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग और फ्रिस्किंग की जाएगी। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों के लिए क्लॉक रूम की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों को परीक्षा से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं, जैसे सीलबंद बुकलेट खोलने, वितरण, अनुपस्थित अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड, वेरिफिकेशन सीट भरने और वीडियो रिकॉर्डिंग आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस मौके पर एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, नम्रता श्रीवास्तव सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि पूर्व अनुभव के आधार पर इस परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।