नक्खीघाट के युवा उद्यमी शरद ने बताया कि गोहरी पर मिट्टी के बर्तनों में बने भोजन की होम डिलीवरी शुरू की गई। इसमें चिली पनीर, मंचूरियन, हांडी पनीर, पालक पनीर, मशरूम के अलावा नानवेज भी तैयार कराया जाता है। इसमें मिट्टी के बर्तन बनाने वाले, उपला बनाने वाले, खाना बनाने वाले कारीगर और खाने को लोगों तक पहुंचाने वाले लोगों को रोजगार मिला है।
शरद ने बताया कि उनके इस नए प्रयोग को काफी पसंद किया जा रहा है। मिट्टी की जो सुगंध और स्वाद लोग खो चुके थे, उसको इस आपदा में लोगों तक पहुंचाने की पहल ने नया रास्ता खोल दिया है।
मिट्टी के बर्तनों में बना भोजन है लाभदायक
बीएचयू के वैद्य डॉ सुशील दुबे ने बताया कि मिट्टी में कई गुण पाए जाते हैं। जब हम मिट्टी के बर्तन में खाना पकाते हैं या खाते हैं तो कई सारे पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं। इसमें जिंक, मैग्नीशियम, आयरन जैसे प्रमुख खनिज तत्व शामिल हैं।