चाैकाघाट में जली होलिका।
- फोटो : अमर उजाला
रात 10:37 बजे के बाद से होलिका के पास पूजन और परिक्रमा के लिए मोहल्ले और गांव में लोगों की जुटान होने लगी थी। घरों से लोग होलिका में अर्पित करने के लिए सामग्री लेकर पहुंच रहे थे। जैसे ही होलिका में आग लगी, सभी ने परिवार की रक्षा, आरोग्य और कल्याण की कामना से दोनों हाथ जोड़े। इसके बाद हर-हर महादेव का जयघोष करके होलिका की परिक्रमा की। भद्रा की समाप्ति के बाद मुहूर्त काल में ढोल नगाड़ों की थाप पर होलिकाएं जलाई गईं।
घाट पर हुलियारों की टोली और काशीवासियों ने जमकर अबीर-गुलाल उड़ाए तो वहीं गांवों में भी कुछ ऐसा ही नजारा था। किशोर-युवाओं का हुजुम ‘जोगीरा, सारारारा... गाते हुए शरारती मूड में आ गया। इसके बाद तो चारों तरफ होली की मस्ती और फाग का रंग उड़ने लगा। गलियों से लेकर गंगा घाट तक फागुन का उल्लास हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा था।
घाट पर जलाई गई होलिका।
- फोटो : अमर उजाला
जैतपुरा में निकली होली बरात
जैतपुरा मोहल्ले में होलिका दहन से पहले होली बरात निकाली गई। विभिन्न स्वरूपों में सजे कलाकार शोभायात्रा का आकर्षण बने हुए थे। ढोल, नगाड़ों की धुन पर थिरकते और एक दूसरे पर रंग बरसाते हुए शोभायात्रा निकली।