Holi 2025: होलिका दहन के दिन भी महानगरों से आने वाली ट्रेनों में भीड़ ठसाठस रही। दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई और पंजाब से कैंट और बनारस होकर बिहार जाने वाली ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच में लोग फर्श पर बैठकर यात्रा करते दिखे।
दिल्ली और मुंबई से आने वाली श्रमजीवी, संपर्क क्रांति, सद्भावना, पवन, एलटीटी-जयनगर, एलटीटी-गोरखपुर, कामायनी, फरक्का अन्य ट्रेनों के सभी श्रेणियों में यात्रियों की भीड़ रही। वहीं रोडवेज की ई-बसों में यात्री न मिलने के कारण इसके फेरे कम किए गए।
उधर, कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर सुबह के समय यात्रियों की लाइन लगी रही लेकिन सूर्यास्त के बाद भीड़ कम होनी शुरू हुई। गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और जौनपुर, प्रयागराज रूट पर यात्रियों का दबाव अधिक रहा। सिटी की अधिकतर ई-बसों में यात्रियों की कमी रही।
इससे अधिकतर रूटों पर ई-बसों के फेरे कम हुए। सिटी अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार के बाद से ई-बसों में भीड़ बढ़ेगी। फिलहाल 108 अतिरिक्त फेरों में इलेक्ट्रिक और डीजल बस संचालन की व्यवस्था है।
इसके अलावा एयरपोर्ट पर भी भीड़ का दबाव अधिक रहा। शाम तक दिल्ली, मुंबई के विमान से कई यात्रियों का समूह पहुंचा। टूर ऑपरेटर अभिषेक सिंह ने बताया कि अधिकतर पर्यटक होली देखने काशी पहुंचे हैं। इनमें विदेशी सैलानियों की संख्या ज्यादा है।