अजय राय ने कहा कि मंदिर के सीईओ सुनील वर्मा 2021 में आदेश निकालते हैं कि प्रतिमा मंदिर में ले आइए कोई आपत्ति नहीं। 2024 में 19 अगस्त को दशाश्वमेध से आदेश जारी होता है कि पंचबदन प्रतिमा की शोभायात्रा न निकालिए, ताकि शांतिव्यवस्था बनी रहे।
वहीं, 2025 में 6 मार्च को सीधे 168 की नोटिस महंत परिवार को दे दी जाती है। नोटिस की भाषा आत्मग्लानि से परिपूर्ण है। कहा कि क्या अब तक पालकी में शामिल होने वाले अराजक तत्व थे, जिससे शांति व्यवस्था भंग हो रही थी।
कहा कि भाजपा सरकार काशी की सभ्यता, संस्कृति, आस्था, परंपरा को खत्म करने में तुली हुई है। चेताया कि हम काशीवासी भाजपा के सनातन विरोधी मंसूबों को सफल होने नहीं देंगे। हम काशीवासी काशी के अस्मिता, आस्था, संस्कृति को बचाने की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
इस दाैरान जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रमोद पांडेय, फ़साहत हुसैन बाबू, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, वकील अंसारी, राजीव राम, अनुभव राय, चंचल शर्मा, रोहित दुबे, आशिष गुप्ता, विकास कौंडिल्य, मो. उज्जैर, सुभम सिंह आदि लोग रहे।