मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की संभावना अधिक रहती है। जरा सी लापरवाही से बच्चों को निमोनिया होने का खतरा रहता है। बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले कम होती है।
विशेषज्ञ दे रहे हैं ये सलाह
जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एससी सिंह का कहना है कि तेजी से बदल रहे इस मौसम में ओपीडी में हर दिन 20 से अधिक सर्दी, खांसी, जुकाम वाले बच्चे अधिक आ रहे हैं। विशेषकर एक साल से कम उम्र वाले जो बच्चे आ रहे हैं, उनकी सेहत को लेकर अभिभावकों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, आईएमएस बीएचयू में बृहस्पतिवार को गाइड लाइन बनाने को लेकर एक बैठक बुलाई गई है।