भारत की समझ है हिंदी
हिंदी भारत की समझ है, जिसमें आमतौर पर हर कोई समझता है। हम जो भी सोचते हैं, विचार करते हैं, उसे मूल रूप से अपनी भाषा में ही कहते हैं। अगर हमें किसी को अपना मंतव्य किसी दूसरे के सामने दूसरी भाषा में रखना होता है तो हम उसे मूल रूप में न बता कर उसे उस भाषा में अनुवाद करके बताते हैं जिससे हमारी मानसिक ऊर्जा खर्च होती है। मुझे जो काम हिंदी में करने में आनंद आता है वो अन्य किसी भाषा में नहीं आता है। यही कारण है कि मैं अपना लगभग सारा काम हिंदी में ही करना पसंद करता हूं। - दिवाकर पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता
हर वर्ग की भावना और अहसास मौजूद है हिंदी में
हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी एक सुंदर और हरा भरा गुलदस्ता है। जिसमें देश और समाज के प्रत्येक वर्ग की भावनाएं एवं एहसास मौजूद है। सामान्य जनमानस की भाषा होने के कारण यह आम लोगों के जीवन एवं उनकी चुनौतियों से बहुत गहरे स्तर पर जुड़ी है। हमारे वर्तमान के संकट की ही नहीं बल्कि इतिहास की कई घटनाएं, दृश्य एवं भयावह अनुभव की यह भाषा साक्षी रही है। इसलिए भारत की वास्तविक तस्वीर को समझना हिंदी के बगैर मुश्किल है। इस भाषा के विकास में समाज के प्रत्येक वर्ग का योगदान है। - नेहा परवीन, डीएलएड छात्रा