महमूरगंज निवासी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी पत्नी ऋतु सिंह और प्रबंधक प्रदीप यादव को चेतगंज थाने की पुलिस ने 31 अगस्त को गिरफ्तार किया था। तीनों जेल में बंद हैं। इस मामले में पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने जांच टीम गठित किया है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने भी नीलगिरी इंफ्रासिटी कंपनी पर धोखाधड़ी की फाइल मंगाकर जांच शुरू की है।
इंस्पेक्टर चेतगंज परमहंस गुप्ता ने कहा कि नीलगिरी इंफ्रासिटी से खुद को पीड़ित बताते हुए लोग थाने पहुंच रहे हैं और शिकायती पत्र भी दे रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज भी किया जा रहा है। धोखाधड़ी के दो मुकदमे और दर्ज हुए हैं। हालांकि धमकी जैसी बात की भी जांच कराई जाएगी।
विभिन्न तरह की स्कीम और आफर देकर ग्राहकों को नीलगिरी इंफ्रासिटी की गोल्डन स्काई टूर एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड में जोड़ा जाता था। यह भरोसा दिलाया जाता था कि निवेश करने पर उतने का ज्वेलरी ले सकते हैं। कंपनी के नेटवर्क में शहर के दस बड़े सराफ थे। एसआईटी इस पहलुओं पर जांच शुरू कर सकती है।