इमरजेंसी में जहां तक 101 मौतों की बात हैं तो इसमें 30 लोग ऐसे भी आए, जिन्होंने इमरजेंसी गेट पर पहुंचते ही दम तोड़ दिया। इसके अलावा अन्य लोगों की मौत इलाज के दौरान हुई। मरने वालों में तेज बुखार, चक्कर खाकर गिरने, बेचैनी के साथ ही उल्टी-दस्त की समस्या वाले मरीज रहे। इसमें ट्रक चालक, साइकिल सवार, बाइक सवार से लेकर पैदल चलने वाले लोगों को 108 एंबुलेंस और पुलिस इलाज करवाने लेकर पहुंची। इसमें करीब 10 महिलाएं भी शामिल रहीं।
बदला मौसम तो घट गया मरीजों का ग्राफ
मौसम का मिजाज बदलने का असर रहा कि जिला अस्पताल के साथ ही मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में गर्मी से परेशान होकर आने वाले मरीजों का ग्राफ घट गया। जिला अस्पताल में जहां पिछले एक सप्ताह से करीब 100 मरीज आते थे, वह संख्या गुरुवार को 70 रही।
मंडलीय अस्पताल में कुल 120 से अधिक मरीज आए, इसमें उल्टी-दस्त, बेहोशी, तेज बुखार वाले महज 30 मरीज रहे। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डाॅ. एसपी सिंह का कहना है कि बारिश और नम हवाओं के चलने से मौसम बदला है। इस कारण गर्मी से होने वाली समस्या भी थोड़ी कम होगी।
पिछले एक सप्ताह में हुई इमरजेंसी में मौत
| 20 जून |
2 मौत |
| 19 जून |
6 मौत |
| 18 जून |
18 मौत |
| 17 जून |
34 मौत |
| 16 जून |
18 मौत |
| 15 जून |
7 मौत |
| 14 जून |
6 मौत |
बोले अधिकारी
तापमान में बढ़ोतरी और धूप की वजह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इमरजेेंसी से लेकर ओपीडी तक सभी का बेहतर उपचार किया गया। अब मौसम में सुधार हुआ है। लोगों को सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह भी डॉक्टर दे रहे हैं।
- डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ