संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार शास्त्री के सेमेस्टर पाठ्यक्रम में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था लागू की गई है। शास्त्री के द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर में विज्ञान व गृहविज्ञान को छोड़कर 25 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन तथा विज्ञान व गृहविज्ञान के लिए 10 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन महाविद्यालय द्वारा परीक्षा से पूर्व होगा।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुधाकर मिश्र ने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन के लिए सभी महाविद्यालयों को अंकचिट का प्रारूप उपलब्ध करा दिया गया है। प्राचार्य महाविद्यालय की लागिन आईडी पर छात्रों के अनुक्रमांक के कॉलम में प्रांप्तांकों को फीड करेंगे। वर्तमान सेमेस्टर से इस व्यवस्था को लागू किया गया है।
इसके बाद अंकचिट की मूल प्रति 22 जून से 23 जून के बीच विश्वविद्यालय में जमा करना होगा। शास्त्री द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर के विज्ञान व गृहविज्ञान के लिए 15 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा केंद्राध्यक्ष की देखरेख में परीक्षा केंद्र पर संपन्न कराई जाएगी।