इस वाद में लॉर्ड विश्वेश्वर नाथ के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आवेदन देकर सील वजूखाने में मिली शिवलिंग जैसी आकृति का एएसआई से सर्वे कराने की मांग की है। कहा है कि एएसआई जीपीआर तकनीक से सर्वे कर बताए कि वह शिवलिंग है या फव्वारा। इसके अलावा ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना से थोड़ी दूर पर सुरंग बनाकर नीचे की स्थिति, अन्य बंद तहखानों और खंडहरों की भी जांच कराने की मांग की है। इस आवेदन पर मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड से कोर्ट ने आपत्ति मांगते हुए सुनवाई के लिए सोमवार का दिन तय किया था।