कैंसर पीड़ितों के लिए एक अच्छी खबर है। बीएचयू के शोध छात्र दिनेश कुमार ने एक ऐसा मैथमेटिकल मॉडल तैयार किया है, जिसके आधार पर बनाया गया उपकरण कैंसर के उपचार में मददगार साबित होगा। रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी के दौरान नष्ट हो जाने वाली स्वस्थ कोशिकाओं को इसकी मदद से बचाया जा सकता है। यह उपकरण न तो स्वस्थ कोशिकाओं को प्रभावित करेगा और न ही कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने देगा।
बीएचयू के डीएसटी अंतरविषयी गणितीय विज्ञान केंद्र के शोध छात्र दिनेश कुमार ने रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी के दौरान प्रभावित होने वाली स्वस्थ कोशिकाओं को बचाने के लिए शोध कार्य किया। अक्सर रेडियो, कीमोथेरेपी के दौरान स्वस्थ कोशिकाएं भी नष्ट या प्रभावित होती हैं। आईआईटी बीएचयू के प्रो. केएन राय के निर्देशन में किया गया दिनेश का शोध ‘कंप्यूटर इन बॉयोलॉजी एंड मेडिसिंस, और ‘जर्नल ऑफ थर्मल बायोलॉजी’ में प्रकाशित हो चुका है। दिनेश के गणितीय मॉडल को ‘थ्री फेज लैग मॉडल’ नाम दिया गया है।
ऐसे काम करेगा उपकरण : अध्ययन में पाया गया कि यदि कैंसर कारक कोशिकाओं को एक खास अनुपात में गर्म किया जाए तो इससे केवल कैंसर से प्रभावित कोशिकाएं ही नष्ट होंगी। नए गणितीय मॉडल के आधार पर तैयार उपकरण शरीर के संपर्क में आने के बाद बताएगा कि शरीर का कितना हिस्सा कैंसर से प्रभावित है? उसे कितनी ऊष्मा दी जाए ताकि कैंसर कोशिकाएं खत्म की जा सकें, प्रभावित हिस्से में खून का प्रवाह कितना है? खून के प्रवाह से ही कैंसर कोशिकाओं को गर्म करके उसे मारने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यही नहीं खून के प्रवाह के जरिए ही मृत