कहा कि किसी भी वैक्सीन को बनाने के पीछे हमारे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत होती है, इसमें वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। वैक्सीन के बारे में निर्णय करना राजनीतिक नहीं होता, हमने तय किया था कि जैसा वैज्ञानिक कहेंगे, वैसे ही हम करेंगे।
आज देश में ऐसा माहौल है कि देश अपनी वैक्सीन खुद बना रहा है। वो भी दो-दो मेड इन इंडिया वैक्सीन। आज देश के कौने-कौने तक वैक्सीन तेजी से पहुंच रही है। इस सबसे बड़ी जरुरत को लेकर भारत आत्मनिर्भर है, साथ ही भारत कई देशों की मदद भी कर रहा है। 2021 की शुरुआत बहुत ही शुभ संकल्पों से हुई है।
काशी के बारे में कहते हैं कि यहां शुभता सिद्धि में बदल जाती है। इसी सिद्धि का परिणाम है कि आज विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान हमारे देश में चल रहा है। हम पिछले 4-5 साल से जो स्वच्छता अभियान चला रहे हैं, पीने के शुद्ध पानी का अभियान चला रहे हैं और शौचालय निर्माण का अभियान चला रहे हैं, इन चीजों के कारण हमारे देश के गरीब से गरीब व्यक्ति में भी बीमारी से जूझने की एक ताकत पैदा हुई है। मुझे विश्वास है कि आप सबकी मेहनत से बहुत ही जल्द एक बार आप सब सुरक्षित हो जाएंगे, तो समाज के बाकी तबकों के टीकाकरण के काम को भी आप आगे बढ़ाएंगे।