वायरल फीवर, डेंगू का प्रकोप बढ़ने की वजह से मंडलीय अस्पताल की पैथोलॉजी पर जांच का दबाव बढ़ गया है। बीस दिन पहले एक दिन में 60 से 80 जांच होती थी। वहीं, यह संख्या 130 से 150 तक पहुंच रही है। सीबीसी, टीएलसी, डीएलसी आदि की जांच हो रही है। अधिकांश मरीज स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर होकर आ रहे हैं। समय से जांच हो सके, ऐसे में टोकन सिस्टम को कड़ाई से लागू किया गया है। बृहस्पतिवार को पैथलॉजी में मरीजों की भीड़ लगी रही। कुछ लोग बाहर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
पिंडरा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों मरीज बाहर की दवा खरीदने को मजबूर हैं। औसतन 175 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। 25000 की आबादी वाले गांव में 20 से 25 लोगों को डॉक्टर देख तो लेते हैं, लेकिन कई दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही है। असीला निवासी धर्मेंद्र मिश्रा अपने बेटे रोहित को सर्दी होने पर दिखाने पहुंचे। डॉक्टर ने सरकारी पर्चे पर कुछ दवाइयां लिखी और उसी के साथ एक सादे कागज पर बाहरी दवाइयां भी लिख दी। खास बात यह है कि मरीज को बिना नाम पते के पर्चा भी दे दिया।