इस मामले में रामनगर थाने के हेड कांस्टेबल जो कि मूल रूप से बिहार के निवासी और बिहार से बरामद कार और चालक सौरभ सिंह से संबंध होने का हवाला देकर उसे छोड़ने के लिए चौकी इंचार्ज रामचंद्र यादव पर दबाव बनाए। तब तक छह से सात की संख्या में अन्य युवक भी पहुंच गए। दोनों तरफ से नोकझोंक शुरू हो गई।
चौकी इंचार्ज समेत पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार करने वाले आरोपियों की कार सीज कर दी गई। लखनऊ नंबर की स्विफ्ट कार सीज हुई तो वाहन स्वामी राकेश सिंह के नाम रजिस्टर्ड है। पुलिस को बाद में मालूम चला कि राकेश सिंह रामनगर थाने के दीवान हैं।
चौकी प्रभारी का आरोप है कि राकेश सिंह उनसे उलझ गए जिसमें उनके वर्दी पर लगी नेम प्लेट टूट कर गिर गई। हेड कांस्टेबल को मुकदमे में पकड़े गए युवक को छुड़ाने के मामले में दबाव न बनाने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया गया। एसीपी राजातालाब अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर जांच की जा रही है।