पूजन विधि
ज्योतिषविद विमल जैन के अनुसार मिट्टी, रजत या सुवर्ण धातुओं से निर्मित शिव-पार्वती की मूर्ति का पंचोपचार, दशोपचार और षोडशोपचार पूजा करने का विधान है। शिव-पार्वती के साथ ही सुख-समृद्धि के दाता श्रीगणेश जी की भी पूजा होती है। नैवेद्य के रूप में सूखे मेवे, ऋतुफल, मिठाई आदि अर्पित करना चाहिए। व्रती महिलाएं हरतालिका तीज की कथा का श्रवण और पाठ करें।
राशि और जन्मतिथि के अनुसार पहनें वस्त्र
जन्मतिथि और राशि के अनुसार रंगों का चयन कर भगवान शिव व पार्वती की पूजा करें। इससे और अधिक सौभाग्यशाली बन सकती हैं। मेष राशि वाली महिलाएं लाल, गुलाबी रंग के वस्त्र पहनें। वहीं, वृष राशि वाली महिलाएं क्रीम, मिथुन राशि की महिलाएं धानी व फिरोजी, कर्क राशि की हल्का पीला व क्रीम, सिंह राशि की लाल, गुलाबी व सुनहरा, कन्या राशि की फिरोजी व हल्का हरा, तुला राशि की क्रीम व आसमानी नीला, वृश्चिक राशि की लाल, गुलाबी व सुनहरा, धनु राशि की सुनहरा व पीला, मकर राशि की लाइट ग्रे, कुंभ राशि की हल्का नीला व ब्राउन, मीन राशि वाली महिलाएं हल्के व गहरे पीले रंग के परिधान धारण कर सकती हैं।