संकट मोचन मंदिर के बाहर दर्शन के लिए लगी भीड़।
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संकटमोचन मंदिर में श्री हनुमान जन्मोत्सव के 10 दिवसीय आयोजन की शुरूआत आज से हो गई। दरबार में होने वाले इस 10 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ शनिवार को प्रात: छह बजे से श्री हनुमत पूजन-अर्चन से आरंभ हो गया। सात बजे से श्रीरामचरित मानस का पाठ आरंभ हुआ जो रविवार तक चलेगा।
इस दौरान हनुमान जी का बैठकी शृंगार होगा। शहर से ध्वजा यात्राओं का आयोजन किया गया है। पहली ध्वजा यात्रा सुबह में और दूसरी रात में मंदिर पहुंचेगी। रात्रि पर्यंत मंदिर में रामचरित मानस का अखंड पाठ होगा। 17 से 19 अप्रैल तक तीन दिवसीय रामायण सम्मेलन आयोजित किया गया है।
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि चैत्र शुक्लपक्ष की पूर्णिमा शुक्रवार को मध्य रात्रि के बाद 2:25 बजे लगेगी और शनिवार को रात्रि 12:24 बजे तक रहेगी। व्रत की पूर्णिमा का अनुष्ठान एवं स्नान-दान शनिवार 16 अप्रैल को होगा। शनिवार को चित्रा नक्षत्र प्रात: 8:40 बजे से रविवार 17 अप्रैल को 7:17 बजे तक रहेगा। इस दिन व्रत उपवास रखकर श्री हनुमान जी की पूजा अर्चना करने से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
होगा संकटों का निवारण
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जिन्हें जन्मकुंडली में शनिग्रह की दशा, महादशा अथवा अंतर्दशा का प्रभाव हो तथा शनिग्रह की अढ़ैया या साढ़ेसाती का प्रभाव हो, उन्हें आज के दिन व्रत रखकर हनुमान जी का विशेष पूजा अर्चना करनी चाहिए। आज के दिन व्रत रखने से हनुमान जी की विशेष कृपा मिलती ही है और रोगों से छुटकारा व संकटों का निवारण भी होता है।