सावन के पांचवें सोमवार और श्री काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ज्ञानवापी में एएसआई का सर्वे सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जो शाम पांच बजे तक चलता रहेगा। लंच ब्रेक भी होगा। नमाज के वक्त सर्वे रोका जाएगा। इससे पहले सुबह आठ बजे से सर्वे शुरू होता था। दरअसल, ज्ञानवापी परिसर व काशी विश्वनाथ धाम आसपास हैं। सोमवार को श्रद्धालु बड़ी संख्या में आएंगे, इस वजह से सतर्कता बरती जा रही है।
कल एएसआई गुंबद व उसके आसपास से साक्ष्य जुटाए हैं। तहखानों में जाकर सर्वे किया है। ज्ञानवापी के तैयार नक्शे के आधार पर मिल रही आकृति, उसकी बनावट और निर्माण का ब्योरा टोपोग्राफी शीट पर भी उतारी गई। दीवारों की थ्रीडी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई
एएसआई रविवार को सबसे बड़ी सर्वे टीम के साथ ज्ञानवापी परिसर पहुंची। कड़ी सुरक्षा के बीच 58 सदस्यीय टीम को ज्ञानवापी परिसर में दाखिल कराया गया। सुबह आठ बजे से सर्वे का काम शुरू हुआ। ज्ञानवापी के अंदर चार टीमों ने अलग-अलग हिस्सों में करीब सात घंटे तक सर्वे किया। सबसे पहले एक टीम तहखाने में दाखिल हुई और वहां की दीवारों, छत, ताखा व खंभों पर अंकित चित्रों को देखा। साथ ही उनके आकार, प्रकार को रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। एक टीम ने गुंबदों की बनावट की जानकारी जुटाई है।
गुंबद के भीतरी, बाहरी और उसके आसपास मिले धार्मिक आकृतियों की फोटो और वीडियोग्राफी कराई। मैपिंग भी हुई है। धार्मिक महत्व से संबंधित 20 से ज्यादा साक्ष्य मिले हैं। एएसआई की एक टीम ने कंगूरों का अध्ययन किया और इसकी बनावट आदि की मैपिंग की है। चौथी टीम ने ज्ञानवापी की सीमा पर चहारदीवारी और पश्चिमी दीवारों का अवलोकन किया। साक्ष्य जुटाकर आगे की औपचारिकता पूरी की है।
सर्वे के साथ ही एएसआई तैयार कर रही है रिपोर्ट
सर्वे के चौथे दिन तैयार किए गए रिकॉर्ड के आधार पर एएसआई ने अपनी रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। इसमें ज्ञानवापी परिसर के अवलोकन के आधार पर तैयार की जा रही रिपोर्ट में एएसआई बनावट, निर्माण शैली सहित अन्य बिंदुओं को शामिल करेगी।
15 दिन में पूरा हो सकता है सर्वे का काम
एएसआई के विशेषज्ञों की अधिकारियों से जो चर्चा हुई है, उसके मुताबिक सर्वे 15 दिन में पूरा हो सकता है। आधुनिक तकनीक पर आधारित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, मैपिंग व स्कैनिंग कराई जा रही है। पांचवें दिन भी इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें जीपीआर तकनीक से सर्वे के लिए अलग टीम वाराणसी आएगी।