वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी मामले में एएसआई से सर्वे की मांग पर 67 दिन में सुनवाई पूरी हुई थी। सर्वे की मांग लेकर हिंदू पक्ष की सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी ने बीते 16 मई को अदालत में आवेदन दिया था। वादी और प्रतिवादी पक्ष की दलीलों और आपत्तियों को सुनने के बाद अदालत ने 14 जुलाई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। 21 जुलाई को अदालत ने एएसआई को ज्ञानवापी के सीज वजूस्थल को छोड़कर शेष अन्य हिस्से का आदेश दिया था। साथ ही, कहा था कि सर्वे के दौरान मौजूदा संरचना को कहीं भी किसी प्रकार से नुकसान न पहुंचे।
- 16 मई 2023 - चार हिंदू महिला उपासकों ने ज्ञानवापी में एएसआई से सर्वे के लिए आवेदन दिया।
- 19 मई 2023 - अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल की।
- 22 मई 2023 - हिंदू पक्ष ने अदालत में दलील पेश की।
- 12 जुलाई 2023 - हिंदू पक्ष ने आवेदन के निस्तारण पर बल दिया तो मसाजिद कमेटी ने आपत्ति के लिए समय मांगा।
- 14 जुलाई 2023 - अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली।
- 21 जुलाई 2023 - जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए एएसआई को 11 बिंदुओं पर आधारित आदेश सुनाया।
- 24 जुलाई 2023 - ज्ञानवापी में एएसआई ने लगभग साढ़े पांच घंटे सर्वे किया। मसाजिद कमेटी की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की बात कह कर सर्वे के काम पर 26 जुलाई की शाम पांच बजे तक रोक लगा दी।