ज्ञानवापी परिसर में सर्वे से जुड़ी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की कॉपी वादी और प्रतिवादी पक्ष को 30 मई को उपलब्ध करवाई जा सकती है। शुक्रवार को अदालत पहुंचे दोनों पक्षों को कॉपी नहीं दी जा सकी। इसके पीछे तकनीकी वजह बताई गई है।
कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह द्वारा 19 मई को जिला जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में दाखिल कमीशन की रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी साक्ष्य के रूप में जिला जज के यहां स्थानांतरित कर दिए गए हैं। वादी और प्रतिवादी पक्ष ने इन साक्ष्यों की कॉपी की मांग की है।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया है कि पक्षकारों को ही कॉपी उपलब्ध करवाई जाए। ज्ञानवापी मामला और शृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन, अन्य विग्रहों के संरक्षण के लिए दायर वाद की पोषणीयता (सुनने योग्य है या नहीं) पर सोमवार (30 मई) को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई होगी।
वीडियो फुटेज वायरल करने की जताई आशंका
इधर, ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की वीडियो फुटेज वायरल होने की आशंका जाहिर करते हुए विश्व वैदिक सनातन संघ प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने डीएम कौशल राज शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि कुछ लोग सर्वे के वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की फिराक में हैं। जिससे माहौल बिगड़ने की आशंका है।