ज्ञानवापी से संबंधित हिंदू पक्ष के पैरोकार सोहन लाल आर्य ने कहा कि यह 100 करोड़ मंदिर समर्थकों व सनातन धर्मियों की जीत है। हर हिंदू जो विगत कालखंड में मंदिर टूटने से आहत था, उसे पुनः प्राप्त करने की स्पष्ट लालसा दिख रही है। कहा कि तलवार के दम पर आराध्य स्थल ध्वस्त किया गया था, वह जल्द ही बहाल हो जाएगा।
वादिनी लक्ष्मी देवी ने कहा कि सनातन धर्म के लोगों की यह बड़ी जीत है। वाद सुनने योग्य है, इस पर हाईकोर्ट की मुहर लग गई है। राह में आ रहे रोड़े इसी तरह से हटते जाएंगे और हम आगे बढ़ते जाएंगे।
वादिनी मंजू व्यास ने कहा कि इतिहास गवाह है कि सबूत हम सनातन धर्मियों के पक्ष में है। हमारे पास साक्ष्य भी अकाट्य हैं। यह हमारी विजय है और वहां भव्य मंदिर बनेगा।
वादिनी सीता साहू ने कहा कि यह हमारी बड़ी जीत है। असली जीत तब होगी जब वहा मंदिर बनेगा। उसके साथ ही दर्शन-पूजन और रुद्राभिषेक का अधिकार मिलेगा। सर्वे का कार्य आगे बढ़ेगा तो मंदिर से संबंधित और भी साक्ष्य मिलेंगे, जो जीत में निर्णायक साबित होंगे।
वादिनी रेखा पाठक ने कहा कि सनातन हिंदू धर्मियों की आगे भी इसी तरह जीत होती रहेगी। दर्शन-पूजन का अधिकार इसी सावन माह तक मिल जाए, तब मां श्रृंगार गौरी का पूजन कर बाबा को जल अर्पित किया जा सकेगा। अधिवक्ता दीपक सिंह ने कहा कि यह आदेश मील का पत्थर साबित होगा और आगे की राह प्रशस्त करेगा। विपक्षी कहीं भी जाएं, जीत सनातन हिंदू धर्म की ही होगी।