नमाज के लिए ज्ञानवापी पहुंचने लगे लोग
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'इस्तिंजा और वजू करके आएं'
इस मजबूरी की वजह से तमाम लोगों से अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद बनारस की जानिब से यह अपील की जाती है कि बहुत बड़ी तादाद में नमाज के लिए आने से परहेज करें। हर बार की तरह इस बार भी जुमे की नमाज अपने अपने मोहल्ले ही में अदा करें। साथ ही जो लोग नमाज ए जुमा के लिए आए, वह इस्तिंजा और वजू करके आएं ताकि आप लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
पिछली बार अपील के बाद भी उमड़ी थी भीड़
पिछले शुक्रवार को मसाजिद कमेटी की घर के पास की मस्जिद में ही नमाज पढ़ने की अपील के बाद भी भारी संख्या में नमाजी ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे थे। हालत यह हो गई कि नमाज के घंटे भर पहले ही ज्ञानवापी मस्जिद नमाजियों से भर गई और बाहर कतार में खड़े नमाजियों को वापस लौटाना पड़ा। मस्जिद में तकरीबन 15 सौ से अधिक नमाजियों ने नमाज अदा की थी। मैदागिन से गोदौलिया तक का इलाका पूरी तरह से छावनी में तब्दील रहा था।
ज्ञानवापी मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में
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श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन और अन्य विग्रहों के संरक्षण के लिए दायर वाद की पोषणीयता (सुनने योग्य है या नहीं) पर बृहस्पतिवार को जिला जज डॉ. अजय कुमार विश्वेश की अदालत में लंबी बहस चली। वाद को निरस्त करने के लिए अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ताओं ने दो घंटे तक दलीलें दीं। दलीलों के बीच जिला जज ने सुनवाई की अगली तारीख 30 मई तय की है।