अंजुमन की तरफ से बहस अभी जारी है। कोर्ट में वादी और प्रतिवादी पक्ष की सहमति से मंगलवार को भी जवाबी बहस जारी रहेगी। फिर वादिनी महिलाओं के एडवोकेट की तरफ से जवाबी बहस का प्रतिउत्तर कोर्ट की अनुमति से की जा सकेगी। अदालत में अंजुमन की तरफ से नियुक्त अधिवक्ता योगेन्द्र सिंह और मधू बाबू कोर्ट में नहीं पहुंचे जबकि रईस अहमद, मुमताज अहमद, मिराजुद्दीन सिद्दकी व एजाज अहमद मौजूद रहे।
महिला वादियों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु जैन,सुभाष नन्दन चतुर्वेदी, मानबहादुर सिंह, डीजीसी सिविल महेंद्र प्रसाद पांडेय समेत वादिनीगण व पैरोकार कोर्ट में मौजूद रहे।
इससे पहले पिछली सुनवाई में लगातार तारीख को बढ़ाने की मांग को देखते हुए अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए मसाजिद कमेटी 500 रुपये का हर्जाना लगाया था। अधिवक्ता अभय यादव के निधन का हवाला देकर अंजुमन इंतेजामिया ने योगेंद्र सिंह मधु बाबू और शमीम अहमद का वकालत नामा दाखिल कर बहस की तैयारी के लिए 10 दिन के समय की मांग कर स्थगन प्रार्थना पत्र दिया था।
डीजीसी सिविल महेंद्र पांडेय के मुताबिक, इस पर जिला जज ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सुनवाई की जा रही है जिसे विलंबित किया जा रहा है। कोर्ट ने सिर्फ दो दिन का मौका देते हुए अंजुमन पर 500 रुपये का हर्जाना लगाया और सुनवाई की तिथि 22 अगस्त नियत की थी।