अदालत के बाहर हिंदू पक्ष के अधिवक्ता और पैरोकार
- फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम पक्ष के जवाब में चार महिला वादियों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु जैन ने कहा कि 26 फरवरी 1944 का जो गजट दाखिल किया गया है, वह फर्जी है और कोर्ट को गुमराह करने वाला है। यह गजट आलमगीर मस्जिद के लिए है, जो धौरहरा बिंदु माधव मंदिर के लिए है। उससे ज्ञानवापी का कोई लेना देना नहीं है।